फर्रुखाबाद। जिले के गैसिंगपुर स्थित गैस बॉटलिंग प्लांट में संभावित आपदा परिस्थितियों से निपटने के लिए व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी एवं पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की मौजूदगी में विभिन्न विभागों ने संयुक्त रूप से आपदा प्रबंधन की तैयारियों का गहन परीक्षण किया।
मॉक ड्रिल के दौरान गैस रिसाव जैसी गंभीर आपात स्थिति का सजीव प्रदर्शन किया गया।
अलार्म बजते ही प्लांट परिसर में तैनात टीमों ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। इसके साथ ही अग्निशमन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर नियंत्रण और गैस रिसाव को रोकने के उपायों का प्रदर्शन किया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घायलों के प्राथमिक उपचार और उन्हें एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया, जबकि पुलिस विभाग ने मौके पर भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा घेरा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने का जिम्मा संभाला। इस दौरान विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल और त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता को परखा गया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपदा की स्थिति में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और हर स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करें। पुलिस अधीक्षक ने भी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने और नियमित अभ्यास जारी रखने पर जोर दिया।
अधिकारियों ने मॉक ड्रिल के बाद समीक्षा करते हुए कहा कि इस प्रकार के अभ्यास से न केवल विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है, बल्कि वास्तविक आपदा के समय नुकसान को न्यूनतम करने में भी मदद मिलती है। उन्होंने प्लांट प्रशासन को सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच और कर्मचारियों को समय-समय पर प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए।
इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य संभावित औद्योगिक दुर्घटनाओं के प्रति सजगता बढ़ाना और आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक मजबूत बनाना था। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस तरह के अभ्यास लगातार कराए जाएंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जिले की प्रतिक्रिया क्षमता और अधिक प्रभावी बन सके।


