शमशाबाद (फर्रुखाबाद): ढाई घाट शमशाबाद स्थित पवित्र गंगा तट पर लगे रामनगरिया मेले (Ramnagariya Fair) में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते रविवार को ढाई घाट–शमशाबाद मार्ग (Dhai Ghat-Shamshabad road) पर लंबा जाम लग गया। जाम की स्थिति इतनी भयावह रही कि श्रद्धालु घंटों तक सड़कों पर फंसे रहे। स्थानीय लोगों व श्रद्धालुओं ने इस अव्यवस्था के लिए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन दिनों रामनगरिया मेले में प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु विभिन्न वाहनों से गंगा स्नान के लिए पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु गाजे-बाजे के साथ गंगा स्नान कर भगवान सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। गंगा मैया को चुनरी पहनाकर पूजा-अर्चना की जा रही है। वहीं, मेले में जगह-जगह भंडारों का आयोजन हो रहा है, जहां श्रद्धालु प्रसाद रूप में हलवा-पूड़ी का आनंद ले रहे हैं।
भंडारों में गरीब, असहाय, विकलांगों के साथ-साथ कटरी क्षेत्र के छोटे-छोटे बच्चे भी प्रसाद ग्रहण करते नजर आए। समाजसेवी व जनप्रतिनिधि भी इस पुण्य कार्य में पीछे नहीं रहे और दिल खोलकर दान करते हुए सैकड़ों लोगों को भंडारा कराया। रविवार सुबह जैसे ही ट्रैक्टर-ट्रालियों, बाइकों, ऑटो व ई-रिक्शा से श्रद्धालुओं का आवागमन तेज हुआ, वैसे ही ढाई घाट–शमशाबाद मार्ग पर जगह-जगह जाम जैसे हालात बन गए। सड़क पर छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। देखते ही देखते करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसमें फंसे श्रद्धालु खासे परेशान नजर आए।
श्रद्धालुओं का कहना था कि पुलिस प्रशासन को पहले से ही भीड़ को देखते हुए व्यवस्थित यातायात योजना बनानी चाहिए थी और प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाना चाहिए था, ताकि जाम की स्थिति न बने। लेकिन अफसोस, जाम से निजात दिलाने के बजाय पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना रहा। ऐसे ही हालात रामनगरिया मेले क्षेत्र में भी देखने को मिले, जहां एक ओर श्रद्धालुओं के ट्रैक्टर खड़े थे तो दूसरी ओर यात्रियों से भरी ट्रैक्टर-ट्रालियां और छोटे वाहन जाम को और गंभीर बना रहे थे।
गौरतलब है कि माघ माह में गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है। यही कारण है कि फर्रुखाबाद जनपद ही नहीं, बल्कि अंतर्जनपदीय क्षेत्रों से भी हजारों श्रद्धालु ढाई घाट शमशाबाद पहुंच रहे हैं। जहां एक ओर यह भीड़ व्यापारियों व स्थानीय विक्रेताओं के लिए खुशखबरी है, वहीं दूसरी ओर बढ़ती भीड़ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के लिए सिरदर्द बनती जा रही है।


