नई दिल्ली। आने वाले समय में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को ज्यादा खर्च उठाना पड़ सकता है। मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर अब विमानन क्षेत्र पर भी दिखने लगा है, जिससे एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।
सरकार की ओर से मिले संकेतों के अनुसार 1 अप्रैल से एविएशन टर्बाइन फ्यूल के दाम बढ़ सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो एयरलाइंस कंपनियां बढ़ती लागत का बोझ यात्रियों पर डाल सकती हैं, जिससे हवाई टिकटों के दाम महंगे हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर विमानन ईंधन पर पड़ता है। मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से तेल की आपूर्ति प्रभावित होती है, जिससे कीमतों में उछाल आता है और इसका असर हवाई किराए पर भी देखने को मिलता है।
भारत में एयरलाइंस कंपनियों की कुल परिचालन लागत में एविएशन फ्यूल का हिस्सा काफी बड़ा होता है। ऐसे में ईंधन महंगा होने पर कंपनियों के लिए लागत संतुलित करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है, जिसके चलते किराए में वृद्धि लगभग तय मानी जाती है।
यदि कीमतों में बढ़ोतरी होती है तो इसका असर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों पर पड़ सकता है। खासकर गर्मी की छुट्टियों से पहले किराए बढ़ने की संभावना यात्रियों के लिए चिंता का विषय बन सकती है।
फिलहाल यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें, ताकि संभावित किराया वृद्धि से बचा जा सके।
हवाई सफर महंगा होने के संकेत, ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका


