मिर्जापुर। भारतीय जनता पार्टी द्वारा एक हिस्ट्रीशीटर को जिला मंत्री बनाए जाने के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। जिस व्यक्ति को यह जिम्मेदारी दी गई है, उस पर हत्या जैसे गंभीर मामले में आरोप हैं और मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी पर वर्ष 2008 में हुई एक चर्चित हत्या का मामला दर्ज है। यह हत्या विवाद के दौरान हुई थी, जिसमें बताया जाता है कि गाड़ी को लेकर ड्राइवर से कहासुनी के बाद मामला इतना बढ़ गया कि शशि नामक युवक की हत्या कर दी गई। इस मामले में आरोपी पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ और तब से यह केस अदालत में चल रहा है।
बताया जा रहा है कि यह मामला रक्षा मंत्री Rajnath Singh के करीबी माने जाने वाले रामदुलार चौधरी के परिवार से जुड़ा है। आरोप है कि हत्या रामदुलार चौधरी के भतीजे की हुई थी, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया था। इसी कारण यह केस लंबे समय से सुर्खियों में बना हुआ है।
वर्तमान में इस हत्या मामले की सुनवाई मिर्जापुर की एससी/एसटी कोर्ट में चल रही है। अदालत में केस की अगली तारीख 17 अप्रैल निर्धारित की गई है, जहां आगे की सुनवाई होगी।
ऐसे में हत्या के आरोपी को पार्टी संगठन में जिला मंत्री जैसा महत्वपूर्ण पद दिए जाने को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर हमलावर हो गया है और कानून-व्यवस्था व नैतिकता पर सवाल उठा रहा है।
स्थानीय स्तर पर भी लोगों में इस फैसले को लेकर चर्चा तेज है। कई लोग इसे पार्टी की छवि के खिलाफ बता रहे हैं, जबकि कुछ समर्थक इसे राजनीतिक साजिश करार दे रहे हैं।
फिलहाल, यह मामला राजनीतिक बहस के साथ-साथ न्यायालय में भी जारी है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
हिस्ट्रीशीटर को जिला मंत्री बनाने पर घमासान, हत्या के आरोपी को मिला संगठन में पद


