अलीगढ़। देशभर में हलाल सर्टिफिकेट वाले उत्पादों को लेकर जहां बहस और विवाद जारी है, वहीं अलीगढ़ का हलाल सर्टिफाइड मीट निर्यात कारोबार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, अलीगढ़ से हर साल 7000 करोड़ रुपये से अधिक का मीट विदेशों में भेजा जा रहा है। पिछले चार वर्षों में इस कारोबार में करीब 2000 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है, जो प्रदेश और देश दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक संकेतक मानी जा रही है।
अलीगढ़ में इस समय कुल सात बड़ी मीट एक्सपोर्ट यूनिट सक्रिय हैं, जिनमें एलाना ग्रुप और फेयर एक्सपोर्ट कंपनी देश की प्रमुख मीट निर्यातक कंपनियों में शामिल हैं। यहां से हलाल सर्टिफिकेट प्राप्त मीट का निर्यात मुख्य रूप से वियतनाम, मिस्र, इराक, ईरान, दुबई, सऊदी अरब, मलेशिया और इंडोनेशिया जैसे देशों में किया जाता है। इनमें वियतनाम सबसे बड़ा आयातक है, जहां से यह मीट आगे चीन तक भेजा जाता है।
निर्यात कारोबार के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2020-21 में अलीगढ़ से मीट निर्यात का मूल्य 5000 करोड़ रुपये था, जो 2021-22 में बढ़कर 5609 करोड़, 2022-23 में 6687 करोड़ और 2023-24 में 7000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वित्तीय वर्ष 2024-25 में सितंबर तक ही 5500 करोड़ रुपये का निर्यात हो चुका है और मार्च 2025 तक इसके 7200 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
जानकारों के मुताबिक, जुलाई के बाद से मीट निर्यात में तेजी आती है और सर्दियों के मौसम में विदेशी बाजारों में इसकी मांग सबसे अधिक रहती है। निर्यात किए जाने वाले मीट के प्रकार और परिवहन साधनों के आधार पर इसकी कीमतों में भी अंतर होता है। समुद्री जहाज से भेजा जाने वाला फ्रोजन मीट लगभग 280 से 290 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव में निर्यात किया जाता है, जबकि हवाई जहाज से भेजे जाने वाला कोल्ड (चिल्ड) मीट लगभग 400 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर विदेशी बाजारों में पहुंचता है। इसके अलावा भाड़ा और परिवहन खर्च अलग से जोड़े जाते हैं।
अलीगढ़ मंडल के मंडलीय उपायुक्त खाद्य सुरक्षा अजय जायसवाल ने बताया कि नवंबर 2023 में प्रदेश सरकार ने एक शासनादेश जारी किया था, जिसके तहत घरेलू बाजार में हलाल उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाई गई, लेकिन मीट निर्यात के लिए हलाल सर्टिफिकेट जारी रखने की अनुमति दी गई। उन्होंने कहा कि हलाल सर्टिफिकेट केवल सरकार द्वारा अधिकृत संस्थाओं के माध्यम से ही प्रदान किया जाता है और अलीगढ़ का मीट निर्यात पूरी तरह वैध और प्रमाणित प्रक्रिया के अंतर्गत किया जा रहा है।





