एटा। खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध का असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। जनपद में वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने से होटल-ढाबों से लेकर कई ताप-आधारित उद्योगों तक संकट गहराने लगा है। हालात यह हैं कि गैस की कमी के कारण कई छोटे उद्योग प्रभावित हो गए हैं, जबकि कुछ इकाइयों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ गया है। शहर का प्रसिद्ध मुरली कृष्णा चिकोरी प्लांट भी गैस की कमी के चलते बंद हो गया है, जिससे श्रमिकों और कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है।
गैस की कमी का सबसे अधिक असर होटल, ढाबा और छोटे रेस्टोरेंट संचालकों पर पड़ रहा है। वाणिज्यिक सिलेंडर न मिलने के कारण कई व्यवसायी मजबूरी में घरेलू सिलेंडरों का उपयोग करने लगे हैं। इससे घरेलू गैस की उपलब्धता भी प्रभावित होने लगी है और कालाबाजारी की आशंका बढ़ गई है। कस्बाई क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर हो गई है, जहां गैस एजेंसियों पर सिलेंडर बुकिंग कराने के लिए लोगों की भीड़ बढ़ती जा रही है।
घरेलू उपभोक्ताओं को भी अब गैस बुकिंग के बाद लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले जहां कुछ दिनों में सिलेंडर मिल जाता था, वहीं अब डिलीवरी में देरी होने लगी है। इससे आम लोगों के साथ-साथ छोटे व्यवसायियों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।
शहर की एक गैस एजेंसी पर वाणिज्यिक सिलेंडर की बुकिंग कराने पहुंचे पीपल अड्डा निवासी रनवीर सिंह ने बताया कि उनका ढाबा हाईवे पर स्थित है और वहां पर खाना बनाने के लिए वाणिज्यिक गैस सिलेंडर का उपयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से सिलेंडर मिलना बंद हो गया है और अब एजेंसियां बुकिंग लेने से भी मना कर रही हैं, क्योंकि फिलहाल आपूर्ति संभव नहीं बताई जा रही है।
उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो कई अन्य उद्योगों को भी बंद करना पड़ सकता है। इससे न केवल व्यापार प्रभावित होगा बल्कि मजदूरों की रोजी-रोटी पर भी संकट खड़ा हो जाएगा।
उधर गैस की किल्लत और संभावित कालाबाजारी को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जमाखोरी या कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि व्यापारियों और आम जनता की चिंता यही है कि यदि आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में संकट और गहरा सकता है।


