लखनऊ| राजधानी में गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए रेलवे स्टेशनों से बच्चों को अगवा करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह लंबे समय से विभिन्न राज्यों के रेलवे स्टेशनों पर सक्रिय था और मौका पाकर छोटे बच्चों को अगवा कर उन्हें बेचने का काला कारोबार करता था।
मामला तब सामने आया जब चारबाग छोटी लाइन रेलवे स्टेशन से बीते दिनों 6 साल की मासूम बच्ची अचानक लापता हो गई थी। बच्ची के परिजनों ने जब स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन की, तो कोई सुराग नहीं मिला। मामला जीआरपी थाने में दर्ज होते ही पुलिस अधीक्षक रेलवे रोहित मिश्रा ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू कराई।
जांच के दौरान जीआरपी की टीम ने स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें दो महिलाओं को बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाते देखा गया। पुलिस ने चेहरे पहचान तकनीक और नेटवर्क के जरिए इन महिलाओं की लोकेशन ट्रैक की और एक बड़ी छापेमारी कर गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।
सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों में दो महिलाएं और उनके साथ दो पुरुष साथी शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे बच्चों को बहला-फुसलाकर ले जाते थे और उन्हें मानव तस्करी के जरिए विभिन्न राज्यों में बेचने का काम करते थे। पुलिस का कहना है कि गिरोह के तार उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश तक फैले हुए हैं।
जीआरपी पुलिस ने बच्ची को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया है। फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
पुलिस अधीक्षक रेलवे रोहित मिश्रा ने बताया कि मामले का पूरा खुलासा आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें गिरोह की गतिविधियों, उनकी modus operandi (काम करने के तरीके) और अब तक हुई गिरफ्तारियों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जीआरपी की टीमें लगातार रेलवे परिसरों में गश्त कर रही हैं और यात्रियों को भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। स्टेशन पर बच्चों पर नजर रखने वाले ऐसे गिरोहों पर अब पुलिस की कड़ी निगरानी रहेगी।





