गोरखपुर। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री गोरखनाथ मंदिर पहुंचकर शिवावतारी महायोगी गुरु श्री गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित की और विधिवत पूजा-अर्चना की। पूजा के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधानों के बीच मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मौजूद रही और पूरे क्षेत्र में उत्सव का वातावरण देखने को मिला।
जन-कल्याण, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक उत्कर्ष का पर्व
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा कि मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की गहरी जड़ों से जुड़ा ऐसा उत्सव है जो जन-कल्याण, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक उत्कर्ष का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सूर्य देव की उपासना जीवन में ऊर्जा, स्वास्थ्य और आत्मबल का संचार करती है।
मुख्यमंत्री ने भगवान भास्कर से प्रार्थना की कि यह महापर्व सभी प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्यता लेकर आए तथा समाज में सौहार्द और भाईचारे को और अधिक मजबूत करे।
गौरतलब है कि मकर संक्रांति के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी अर्पण की परंपरा सदियों पुरानी है। इस पर्व पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु गोरखपुर पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में भंडारे, सेवा कार्य और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं, जो सामाजिक एकता और सेवा भाव का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे पर्व समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ सेवा, सहयोग और समरसता की भावना को भी सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे मकर संक्रांति के पावन अवसर पर जरूरतमंदों की सहायता करें, दान-पुण्य करें और सामाजिक सौहार्द को आगे बढ़ाएं।
श्री गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी अर्पण, विधिवत पूजा-अर्चना


