यूथ इंडिया | सूर्या अग्निहोत्री
बॉलीवुड की सबसे लोकप्रिय और भरोसेमंद आवाज़ माने जाने वाले अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से दूरी बनाने का निर्णय लेकर फिल्म और संगीत जगत को चौंका दिया है। बीते एक दशक से अधिक समय तक हिंदी सिनेमा के गीतों को अपनी भावनात्मक आवाज़ से सजाने वाले अरिजीत अब फिल्मों के लिए नए गाने नहीं गाएंगे। उनके इस फैसले से प्रशंसकों से लेकर इंडस्ट्री से जुड़े लोग तक हैरान हैं।
अरिजीत सिंह ने यह जानकारी इंस्टाग्राम के ज़रिये साझा की। नए साल की शुभकामनाओं के साथ उन्होंने बताया कि वह अब प्लेबैक सिंगर के रूप में किसी भी नए प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं बनेंगे। अपने संदेश में उन्होंने अपने करियर को एक यादगार सफर बताया और श्रोताओं के प्यार व समर्थन के लिए आभार जताया। पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।
इससे पहले भी अरिजीत अपने निजी एक्स (ट्विटर) अकाउंट पर इस फैसले के संकेत दे चुके थे। उन्होंने कहा था कि ईश्वर की कृपा से उन्हें बहुत कुछ सीखने और देने का अवसर मिला और अब वह खुद को एक साधारण कलाकार के रूप में आगे बढ़ाना चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वह संगीत से संन्यास नहीं ले रहे, बल्कि केवल फिल्मों के लिए गाने से विराम ले रहे हैं।
इस घोषणा से फैंस को कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन यह तय माना जा रहा है कि आने वाले समय में बड़े बैनर की फिल्मों और सुपरस्टार्स के गीतों में अरिजीत की आवाज़ सुनाई नहीं देगी। रोमांटिक और भावनात्मक गीतों में उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
अरिजीत सिंह सिर्फ एक गायक नहीं, बल्कि भावनाओं की आवाज़ बन चुके हैं। ‘तुम ही हो’, ‘चन्ना मेरेया’, ‘ऐ दिल है मुश्किल’, ‘केसरिया’ और ‘बिनते दिल’ जैसे गीत आज भी लोगों की ज़िंदगी का हिस्सा हैं। बहुत कम ऐसे मौके रहे हैं जब बॉलीवुड संगीत अरिजीत के बिना अधूरा न लगा हो।
उनका करियर भी किसी प्रेरक कहानी से कम नहीं रहा। वर्ष 2005 में रियलिटी शो ‘फेम गुरुकुल’ से शुरुआत करने वाले अरिजीत को 2011 में फिल्म ‘मर्डर 2’ के गीत ‘फिर मोहब्बत’ से बड़ी पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने लगातार हिट गानों से संगीत प्रेमियों के दिल जीते।
अरिजीत सिंह एक सफल गायक के साथ-साथ संगीतकार और म्यूजिक प्रोड्यूसर भी हैं। उन्होंने साफ किया है कि वह आगे भी संगीत रचना और सीखना जारी रखेंगे। यानी फिल्मों से दूरी जरूर बनेगी, लेकिन संगीत से उनका रिश्ता कायम रहेगा।
सम्मानों की बात करें तो अरिजीत सिंह को दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समेत कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। वर्ष 2025 में उन्हें पद्मश्री से नवाज़ा गया, जो भारतीय संगीत में उनके योगदान की बड़ी स्वीकृति है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अरिजीत सिंह के बिना बॉलीवुड का संगीत पहले जैसा रह पाएगा। फिलहाल इतना तय है कि उनका यह फैसला संगीत जगत में एक अहम मोड़ के रूप में याद किया जाएगा।






