24 घंटे में 1.29 लाख रुपये तक टूटे भाव, निवेशकों और ज्वैलर्स में हड़कंप
दिल्ली। भारतीय सर्राफा बाजार में शनिवार का दिन कारोबारियों और निवेशकों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। अचानक आई भारी गिरावट ने पूरे बुलियन मार्केट को हिलाकर रख दिया, जिसे कारोबारी अब ‘ब्लैक सैटरडे’ के तौर पर याद कर रहे हैं। सबसे बड़ा झटका चांदी की कीमतों में आए ऐतिहासिक महा-क्रैश के रूप में देखने को मिला, जहां महज 24 घंटे के भीतर करीब 1.29 लाख रुपये तक की गिरावट दर्ज की गई।
यह गिरावट इतनी तेज और अप्रत्याशित थी कि बाजार में कुछ समय के लिए खरीद-बिक्री लगभग ठप जैसी स्थिति बन गई। ज्वैलर्स से लेकर बड़े निवेशक तक इस अचानक बदले रुख से सकते में आ गए।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के वर्षों में चांदी की कीमतों में इतनी बड़ी एकदिनी गिरावट शायद ही कभी देखी गई हो। जहां बीते कुछ दिनों से चांदी लगातार रिकॉर्ड ऊंचाई की ओर बढ़ रही थी, वहीं अचानक आए इस क्रैश ने पूरे बाजार का मूड पलट दिया।
विशेषज्ञ मानते हैं कि चांदी में तेजी के बाद ओवरबॉट स्थिति बन चुकी थी और जैसे ही अंतरराष्ट्रीय संकेत कमजोर पड़े, गिरावट ने विकराल रूप ले लिया।
चांदी के साथ-साथ सोने के भाव में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। हालांकि सोने में गिरावट चांदी जितनी तीव्र नहीं रही, लेकिन इसके बावजूद निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि सोने-चांदी दोनों में एकसाथ आई गिरावट ने बाजार की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दो दिन पहले था जश्न का माहौल
दिलचस्प बात यह है कि महज दो दिन पहले तक बाजार में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा था। तेजी के चलते निवेशक मुनाफे की उम्मीद में खरीदारी कर रहे थे और ज्वैलर्स भी अच्छे कारोबार की आस लगाए बैठे थे। लेकिन शनिवार को आई गिरावट ने उस उत्साह को पूरी तरह निराशा में बदल दिया।
तेज गिरावट से सबसे ज्यादा नुकसान छोटे निवेशकों और सर्राफा कारोबारियों को हुआ है। कई निवेशकों की पूंजी कुछ ही घंटों में लाखों रुपये तक घट गई। वहीं ज्वैलर्स का कहना है कि इतनी तेज गिरावट से ग्राहकों में भी भ्रम की स्थिति बन गई है, जिससे बाजार में मांग कमजोर पड़ सकती है।
ग्लोबल मार्केट बने बड़ी वजह
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, इस गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण जिम्मेदार हैं।
वैश्विक बाजारों में अचानक आए बदलाव,
अमेरिकी और यूरोपीय संकेतों का कमजोर पड़ना,
और सबसे अहम बड़े फंड हाउसों द्वारा भारी प्रॉफिट बुकिंग
इन सभी फैक्टरों ने मिलकर चांदी और सोने की कीमतों को तेजी से नीचे धकेल दिया। जैसे ही बड़े निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू किया, बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ता चला गया।
आगे बाजार की चाल पर नजर
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक सर्राफा बाजार में तेज उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लें और बाजार की दिशा स्पष्ट होने का इंतजार करें। वहीं ज्वैलर्स भी फिलहाल सतर्क रुख अपनाने की बात कर रहे हैं।
शनिवार का दिन भारतीय सर्राफा बाजार के इतिहास में ब्लैक सैटरडे के रूप में दर्ज हो गया है। चांदी में आया ऐतिहासिक क्रैश न सिर्फ निवेशकों के लिए बड़ा झटका है, बल्कि यह भी दिखाता है कि बुलियन मार्केट कितना संवेदनशील और वैश्विक संकेतों पर निर्भर है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में बाजार खुद को किस तरह संभाल पाता है।

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