आम के बाग़ में बरामद हुए गौमांस के टुकड़े, पुलिस की लापरवाही की खुली पोल
हाथ-पैर बंधा कसाई पुलिस के सामने से फरार, राष्ट्रीय बजरंग दल ने जताया रोष

विकास सिंह
पूरनपुर, पीलीभीत। कोतवाली क्षेत्र में गौकशी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कभी खेतों में, कभी बागों में और कभी गांव की सीमा से सटे इलाकों में गोवंश के अवशेष मिलना अब आम बात होती जा रही है। सवाल यह नहीं है कि गौकशी हो रही है, सवाल यह है कि इतनी सख्ती वाले कानून के बावजूद यह अपराध रुक क्यों नहीं रहा।उत्तर प्रदेश में गौवध निषेध कानून पहले से ही सख्त है। इसके बावजूद पूरनपुर जैसे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्र में गौकशी की घटनाओं का बार-बार सामने आना यह संकेत देता है कि कहीं न कहीं कानून के क्रियान्वयन में गंभीर चूक हो रही है। बीती रात पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव में रविवार देर रात गोकशी की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है और सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए आरोपी के पुलिस हिरासत से फरार होने पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब 11:30 बजे रघुनाथपुर निवासी अरुण वर्मा ने गांव से कुछ दूरी पर स्थित अमन वर्मा के बाग में संदिग्ध हलचल देखी। उन्हें लगा कि शायद लकड़ी चोर बाग में घुसे हैं। अरुण ने तुरंत बाग मालिक अमन वर्मा को सूचना दी। अमन अपने करीब आधा दर्जन साथियों के साथ मौके पर पहुंचे।ग्रामीणों ने बताया कि बाग में गौवंश का वध किया जा रहा था। वहां एक या उससे अधिक गौवंश के मांस के टुकड़े किए जा चुके थे और उन्हें बेचने की तैयारी चल रही थी। ग्रामीणों को आता देख वहां मौजूद लोग भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर ग्रामीणों ने एक आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया।ग्रामीणों ने पकड़े गए आरोपी के हाथ-पैर बांधकर उसे बाग में बैठा दिया। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना पुलिस और राष्ट्रीय बजरंग दल को दी। सूचना मिलने पर बजरंग दल के ठाकुर शिवम सिंह भदोरिया और आर्यन पांडेय अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि पुलिस ने जब आरोपी को अपनी हिरासत में लिया, तो एक अप्रत्याशित घटना हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने जैसे ही आरोपी के हाथ-पैर खुलवाए, वह पुलिस को चकमा देकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गया। इस घटना से ग्रामीणों में भारी गुस्सा है। ग्रामीणों का तर्क है कि जब आरोपी के हाथ-पैर बंधे थे और वह पुलिस के घेरे में था, तो वह भागने में सफल कैसे हुआ। थाना अध्यक्ष का बयान पवन पांडे का कहना है कि” मामला संज्ञान में है। घटना की सूचना सीओ प्रतीक दहिया नें पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का मौका मुआयना किया है। और पुलिस की टीमें जांच में जुटी हैं। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं। आरोपी की तलाश जारी है, जल्द ही उसे गिरफ्तार कर उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की गश्त पर सवाल स्थानीय संलिप्तता की आशंका
अधिकांश घटनाएं गांव की सीमा से कुछ ही दूरी पर, सुनसान खेतों या बागों में होती हैं। इसका अर्थ साफ है कि अपराधियों को इन स्थानों की भौगोलिक जानकारी है और उन्हें यह भरोसा भी है कि रात के समय न तो गश्त होगी और न ही तत्काल कार्रवाई। पुलिस गश्त, बीट व्यवस्था और स्थानीय खुफिया तंत्र की कमजोरी अपराधियों का मनोबल बढ़ा रही है।बार-बार एक ही क्षेत्र में घटनाएं होना यह भी सवाल खड़ा करता है कि क्या कुछ स्थानीय लोग इस अवैध धंधे में शामिल हैं। बिना स्थानीय सहयोग के न तो जगह का चयन संभव है और न ही मांस की तस्करी। यदि समय रहते इस पहलू पर गंभीर जांच नहीं हुई तो यह अपराध जड़ पकड़ता जाएगा।
राष्ट्रीय बजरंग दल के गौ रक्षा प्रमुख शिवम भदौरिया ने गौकशी की लगातार हो रही घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि “यदि पुलिस वास्तव में गौकशी की घटनाओं पर रोक लगाने में सक्षम नहीं है, तो बजरंग दल को खुली छूट दी जाए। फिर देखा जाएगा कि कसाई गाय को हाथ भी कैसे लगाते हैं। गौ माता की रक्षा के लिए बजरंग दल हर स्तर पर तैयार है।”उन्होंने आगे कहा कि बार-बार घटनाएं होना और आरोपियों का बच निकलना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो हिंदू संगठन आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
रघुनाथपुर गॉव मे गौकशी की घटना के बाद आरोपी कों पकड़ के गॉव बालो ने UP 112 कों दिया, आरोपी के भागने के बाद UP 112 के हैड कांस्टेबल और हल्का दरोगा कों सस्पेंड कर दिया गया।






