कश्मीर को अलग निशान देकर जलाया देश को दशकों तक’, एकता दिवस पर कांग्रेस पर बरसे पीएम मोदी

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गुजरात। देश के पहले गृह मंत्री और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर गुजरात के केवड़िया में राष्ट्रीय एकता दिवस का भव्य आयोजन हुआ, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर करारा हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के बाद जब सरदार पटेल 550 रियासतों को भारत में मिला रहे थे, तब वह चाहते थे कि कश्मीर का भी पूरा विलय भारत में हो, लेकिन पंडित नेहरू ने उनकी यह इच्छा अधूरी छोड़ दी। कांग्रेस की उसी ऐतिहासिक गलती ने कश्मीर को अलग संविधान और अलग निशान देकर देश को दशकों तक जलाया।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने परेड की सलामी ली, जिसमें सेना और पुलिस की टुकड़ियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने सरदार पटेल की प्रतिमा को नमन किया और एकता दिवस की भावना को देश की असली ताकत बताया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज हर देशवासी का यह कर्तव्य है कि वह किसी भी ऐसी ताकत से दूर रहे जो देश की एकता को कमजोर करे। यही सरदार साहब को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

प्रधानमंत्री ने तीखे शब्दों में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि “इतिहास में सच्चाई दर्ज होनी चाहिए, न कि कांग्रेस का गढ़ा हुआ पक्ष।” उन्होंने कहा कि 86 सालों तक राजनीतिक फायदे के लिए सच्चाई को छिपाया गया। सरदार पटेल ने न केवल अंग्रेजों से बल्कि देश के भीतर की साजिशों से भी लड़ाई लड़ी। कांग्रेस ने देश को बांटने का काम किया, जबकि सरदार पटेल ने उसे जोड़ने का।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि “कांग्रेस की सरकारों ने वोट बैंक की राजनीति के लिए देश की सुरक्षा से समझौता किया। विदेशी घुसपैठिए दशकों से हमारे संसाधनों का इस्तेमाल करते रहे और हमारी जनसांख्यिकी को बिगाड़ते रहे। लेकिन अब देश ने इस खतरे से निपटने के लिए मजबूत और निर्णायक रुख अपनाया है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल का सपना था एक सशक्त, एकजुट और आत्मनिर्भर भारत, और आज वही सपना साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश में अब रिकॉर्ड संख्या में हाइवे, एक्सप्रेसवे, वंदे भारत और नमो भारत ट्रेनें बन रही हैं। छोटे शहर अब हवाई सेवा से जुड़ रहे हैं, जिससे देश की दूरियां घट रही हैं और विकास की गति बढ़ रही है।

पीएम मोदी ने कहा कि सरदार पटेल कहा करते थे कि “देशसेवा से बड़ा कोई सुख नहीं है।” आज भारत उसी राह पर चल रहा है — एकता, अखंडता और आत्मगौरव के संकल्प के साथ। प्रधानमंत्री के तीखे शब्दों में, यह नया भारत किसी की दया से नहीं, सरदार पटेल की दृढ़ इच्छाशक्ति और जनता की एकता की ताकत से खड़ा हुआ है।

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