फर्रुखाबाद। प्रभु यीशु मसीह जयंती के पावन अवसर पर नगर के सीएनआई चर्च बढ़पुर एवं सीएनआई रखा चर्च में विशेष प्रार्थना सभा एवं आराधना कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ किया गया। इस दौरान मसीही समाज के लोगों ने प्रभु यीशु के जीवन, उनके उपदेशों और मानवता के संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
प्रार्थना सभा के दौरान प्रभु यीशु के वचनों का स्मरण करते हुए कहा गया कि उन्होंने स्वयं कहा था— “मैं जगत की ज्योति हूँ”। इसी संदेश को केंद्र में रखते हुए दोनों चर्चों में विशेष आराधना की गई। आराधना के समय उपस्थित श्रद्धालुओं ने मोमबत्तियां जलाकर अंधकार से प्रकाश की ओर जाने का प्रतीकात्मक संदेश दिया। साथ ही केरल सांग (भजन) के मधुर स्वर से वातावरण भक्तिमय और भावपूर्ण हो उठा।
कार्यक्रम में पादरी मनोज कुमार ने अपने संदेश में कहा कि प्रभु यीशु मसीह जगत में ज्योति बनकर आए, ताकि जो लोग अंधकार, दुख, पीड़ा और निराशा में जीवन व्यतीत कर रहे हैं, उनके जीवन में आशा और उजाला आ सके। उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु का जीवन प्रेम, क्षमा, सेवा और करुणा का संदेश देता है, जिसे आज के समाज में अपनाने की अत्यंत आवश्यकता है।
आराधना के दौरान कैम्प फायर के माध्यम से भी प्रभु यीशु को “जगत की ज्योति” के रूप में प्रस्तुत किया गया और यह बताया गया कि जैसे आग अंधकार को दूर करती है, वैसे ही प्रभु यीशु का संदेश मानव जीवन से अज्ञान, भय और वैमनस्य को दूर करता है। कार्यक्रम के अंत में समाज में शांति, भाईचारे और मानवता की भावना को मजबूत करने की प्रार्थना की गई।
इस अवसर पर श्रीमती सविता, अंशुल फार्मर, जयवंत सुन्नी, स्टेनले हिल्स सहित मसीही समाज के अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे। सभी ने प्रभु यीशु मसीह के बताए मार्ग पर चलने और उनके संदेश को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया। प्रार्थना सभा शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।






