नोएडा। नोएडा प्राधिकरण में मुआवजा घोटाले की जांच अब तेज़ हो गई है और इसकी आंच सीधे अधिकारियों तक पहुंचती नजर आ रही है। विशेष जांच दल (एसआईटी ) की प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिनमें अधिकारियों द्वारा मुआवजा राशि में 10 प्रतिशत तक कमीशन लेने के संकेत मिले हैं।
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत कर दी है, जिसमें कई अनियमितताओं और संदिग्ध लेनदेन का उल्लेख किया गया है। जांच का दायरा गेझा तिलपताबाद, नगला चरणदास और भुड़ा गांव तक फैला हुआ है, जहां भूमि अधिग्रहण के दौरान मुआवजे के वितरण में गड़बड़ियों की शिकायतें मिली थीं।
बताया जा रहा है कि किसानों को मिलने वाले मुआवजे में कटौती कर अवैध रूप से कमीशन लिया गया। इस प्रक्रिया में कुछ अधिकारियों की संलिप्तता के प्रमाण भी जांच एजेंसियों को मिले हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए SIT को निर्देश दिया है कि वह 13 जुलाई तक अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करे। साथ ही, मामले की अगली सुनवाई भी 13 जुलाई को निर्धारित की गई है।
इस घोटाले के सामने आने के बाद प्रभावित किसानों में आक्रोश है और वे दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, प्रशासनिक महकमे में भी इस जांच को लेकर हलचल तेज हो गई है।
अब सबकी निगाहें 13 जुलाई को होने वाली सुनवाई और एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो सकेगा कि इस घोटाले में कौन-कौन जिम्मेदार है और किन पर कार्रवाई होगी।
नोएडा मुआवजा घोटाला: जांच की आंच अधिकारियों तक पहुंची, 10% कमीशन के संकेत


