मुंबई। अभिनेता मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ के टाइटल को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। फिल्म के नाम में ‘पंडित’ शब्द के इस्तेमाल पर ब्राह्मण समुदाय से जुड़े संगठनों ने आपत्ति जताई है और देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इसी बीच एफएमसी ने अनअथराइज्ड टाइटल को लेकर फिल्म निर्माताओं को नोटिस भी जारी किया है।
विवाद बढ़ने पर अभिनेता मनोज बाजपेयी और निर्माता-निर्देशक नीरज पांडे ने संयुक्त रूप से स्पष्टीकरण जारी किया है। मनोज बाजपेयी ने कहा कि वह लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हैं और फिल्म का उद्देश्य किसी भी समुदाय को ठेस पहुंचाना नहीं है। उनके अनुसार यह कहानी एक काल्पनिक किरदार और उसकी आत्म-साक्षात्कार की यात्रा पर आधारित है।
निर्माता नीरज पांडे ने स्पष्ट किया कि ‘घूसखोर पंडित’ एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है, जिसमें ‘पंडित’ शब्द का इस्तेमाल केवल एक पात्र के नाम के रूप में किया गया है। फिल्म किसी जाति, धर्म या समुदाय पर टिप्पणी नहीं करती। उन्होंने बताया कि दर्शकों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए फिलहाल सभी प्रमोशनल सामग्री हटा ली गई है।
गौरतलब है कि फिल्म की घोषणा के बाद से ही इसके टाइटल को लेकर विवाद बना हुआ है। अब निर्माताओं की सफाई और प्रचार सामग्री हटाने के फैसले के बाद आगे की स्थिति पर सबकी नजर बनी हुई है।






