अमेठी योगी सरकार की स्वामित्व और घरौनी योजना ग्रामीणों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो रही है। इस योजना के तहत दशकों से अपनी जमीन और घर के मालिकाना हक के लिए भटक रहे ग्रामीणों को अब सरकारी प्रमाण पत्र के साथ उनके घर का स्वामित्व मिल रहा है, जिससे उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद जगी है।
जिलाधिकारी अमेठी संजय चौहान ने बताया कि जिले के 200 गांवों में अत्याधुनिक तकनीक और ड्रोन कैमरों के जरिए सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। इस सर्वे के परिणामस्वरूप ‘घरौनी’ नामक प्रमाणिक अभिलेख तैयार किया गया है, जो प्रत्येक ग्रामीण को उसके मकान का वास्तविक मालिक साबित करता है।
इस योजना के लागू होने से गांवों में जमीन और संपत्ति को लेकर होने वाले छोटे-मोटे विवादों और कानूनी लड़ाइयों पर अंकुश लगेगा। साथ ही, घरौनी प्रमाण पत्र के माध्यम से ग्रामीण अब अपने घर पर बैंक से ऋण लेने के योग्य होंगे, जिससे स्वरोजगार और छोटे व्यापार के नए अवसर खुलेंगे।
डीएम संजय चौहान ने बताया कि पहले ग्राम सभाओं में नाली, नाबदान और जमीन को लेकर छोटे-छोटे झगड़े होते थे। घरौनी स्वामित्व योजना के तहत कराए गए सर्वे से अब इन विवादों को सुलझाने में मदद मिलेगी और ग्रामीणों को उनके अधिकार सुनिश्चित होंगे। 200 से अधिक गांवों का सर्वे पूरा हो चुका है और प्रमाण पत्र वितरण जल्द शुरू होगा।
इस योजना से ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का दस्तावेज मिलने के साथ-साथ मानसिक सुरक्षा भी मिल रही है। अब उन्हें अपनी जमीन या घर पर किसी तरह के कब्जे का डर नहीं सताएगा। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने और सामाजिक स्थिरता बढ़ाने में भी सहायक साबित हो रही है।


