नई दिल्ली। उत्तर भारत में छाए घने कोहरे का असर रविवार को भी रेल सेवाओं पर गंभीर रूप से देखने को मिला। राजधानी दिल्ली की ओर आने वाली वंदे भारत, राजधानी, शताब्दी, हमसफर और अन्य लंबी दूरी की 60 से अधिक ट्रेनें दो से 13 घंटे तक की देरी से चलीं। अचानक बढ़े इस विलंब ने यात्रियों की यात्रा योजनाओं को पूरी तरह बिगाड़ दिया और रेलवे स्टेशनों पर लंबा इंतजार करना पड़ा।

सबसे ज्यादा देरी वाराणसी–नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस में दर्ज की गई, जो करीब 13 घंटे 15 मिनट की देरी से दिल्ली पहुंची। इसके अलावा नई दिल्ली–दरभंगा हमसफर विशेष, शान-ए-पंजाब एक्सप्रेस, स्वर्ण शताब्दी, बिहार संपर्क क्रांति और महाबोधि एक्सप्रेस जैसी कई प्रमुख ट्रेनें भी घंटों विलंब से चलीं। कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम रही, जिससे सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों की गति सीमित रखनी पड़ी।

ट्रेनों के समय पर न पहुंच पाने का असर वापसी रूट पर भी पड़ा। कई ट्रेनों के प्रस्थान समय में बदलाव करना पड़ा, जिससे यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर घंटों इंतजार करना पड़ा। खासकर लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्री, बुजुर्ग और बच्चों के साथ सफर कर रहे परिवार सबसे अधिक परेशान नजर आए।

घने कोहरे का असर लोकल और पैसेंजर ट्रेनों पर भी पड़ा। उपनगरीय रूट पर चलने वाली कई ट्रेनें आधे घंटे से एक घंटे की देरी से चलीं, जिससे ऑफिस जाने वाले यात्रियों और दैनिक यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों ने समय पर सूचना न मिलने की शिकायत भी की।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कोहरे के कारण एहतियातन सिग्नलिंग और ट्रेन संचालन में विशेष सावधानी बरती जा रही है। मौसम में सुधार के बाद ट्रेनों को समय पर लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लें और आवश्यक होने पर हेल्पलाइन या आधिकारिक वेबसाइट का सहारा लें, ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।

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