नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर गाजा में लंबे समय से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। इजरायल और हमास ने ट्रंप की शांति योजना पर सहमति जताते हुए युद्धविराम समझौते को स्वीकार कर लिया है। यह समझौता गाजा में पिछले दो वर्षों से जारी विनाशकारी युद्ध को खत्म करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
इस समझौते के तहत हमास ने आज पहले चरण में 7 इजरायली बंधकों को रिहा कर दिया है, जबकि शेष 13 बंधकों को भी कुछ देर में छोड़े जाने की संभावना है। हमास ने सोमवार सुबह उन 20 बंधकों की सूची जारी की थी, जिनकी रिहाई आज तय की गई है। इसके अलावा 26 मृत बंधकों के शव भी सोमवार को सौंपे जाने की उम्मीद जताई गई है।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने मिडिल ईस्ट दौरे पर हैं और इजरायल पहुंच चुके हैं। उनका विमान एयर फोर्स वन आज तेल अवीव के बेनगुरियन एयरपोर्ट पर उतरा। रवाना होने से पहले ट्रंप ने कहा था कि “अब हमास और इजरायल के बीच युद्ध समाप्त हो गया है और उम्मीद है कि यह युद्धविराम स्थायी शांति का आधार बनेगा।”
तेल अवीव में होस्टेज स्क्वायर पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और बंधकों की रिहाई पर खुशी का इजहार किया। इजरायली सेना ने पुष्टि की है कि रेडक्रॉस द्वारा गाजा से बाहर लाए गए 20 जीवित बंधकों में से पहले सात को सुरक्षित प्राप्त कर लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि यह रिहाई पिछले हफ्ते मिस्र के शर्म अल-शेख रिसॉर्ट में हुए युद्धविराम समझौते का सबसे अहम हिस्सा है, जहां सोमवार को ट्रंप और अन्य विश्व नेता स्थायी शांति को लेकर अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
गाजा में तबाही का मंजर
पिछले दो वर्षों से चले इस युद्ध ने गाजा को लगभग खंडहर में बदल दिया है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, गाजा सिटी के अधिकांश नागरिक बेघर हो चुके हैं और बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अब इस क्षेत्र में स्थायी शांति का रास्ता वैश्विक प्रतिबद्धताओं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर निर्भर करेगा।
शर्म अल-शेख में सोमवार को होने वाला यह सम्मेलन मध्यपूर्व में स्थायी शांति और पुनर्निर्माण की दिशा में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।





