शाहजहांपुर में कम से कम सरकार ने यूनिवर्सिटी तो की छात्रों को नहीं जाना होगा अब शिक्षा के लिए बाहर,,,
शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एसएस विश्वविद्यालय के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में 21 करोड़ रुपये के आवंटन के बाद आश्रम के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद की प्रतिक्रिया ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 700 करोड़ रुपये की संपत्ति विश्वविद्यालय स्थापना के लिए दान करने का दावा करने वाले स्वामी चिन्मयानंद की बातों में संतोष से अधिक पीड़ा झलकती दिखाई दी।उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के लिए आश्रम की ओर से पहले ही जमीन, भवन, कक्षाएं और अन्य आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करा दिया गया है, ऐसे में बजट से बड़ी अपेक्षा थी। वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना को विश्वविद्यालय परिसर में आमंत्रित कर सम्मानपूर्वक स्वागत-सत्कार किए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने निराशा जताई कि आवंटित राशि उम्मीद से काफी कम है।
स्वामी चिन्मयानंद ने कहा, “हमने करोड़ों रुपये की संपत्ति दे दी। यहां अधिकांश बुनियादी सुविधाएं पहले से मौजूद हैं। हालांकि सबसे बड़ी बात यह है कि शाहजहांपुर को एक विश्वविद्यालय मिला, जो अपने आप में स्वागत योग्य कदम है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि विश्वविद्यालय किसी अन्य स्थान पर बनाया जाता, तो जमीन खरीदने और भवन निर्माण पर सरकार को कहीं अधिक खर्च करना पड़ता।दिलचस्प रूप से उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना ही एक बड़ी पहल है और अब इसे संचालित करने की जिम्मेदारी सरकार की है। उनके अनुसार बजट कम होने के बावजूद संस्थान का अस्तित्व जिले के शैक्षणिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।


