लखनऊ। राजधानी के गौतमपल्ली थाना में कथित वसूली कांड को लेकर पुलिस प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है। मामले में थाने के प्रभारी निरीक्षक रत्नेश कुमार सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है, जबकि थाने के अन्य दरोगा और सिपाहियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, थाने के एसएचओ समेत स्टाफ पर एक युवक से करीब ढाई लाख रुपये वसूलने का आरोप लगा है। शिकायत सामने आने के बाद मामले की जांच पुलिस कमिश्नर स्तर से कराई गई, जिसमें प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए। इसके बाद शुक्रवार को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की गई।
बताया जा रहा है कि दो दिन पहले बंदरियाबाग चौकी इंचार्ज एक युवक को पकड़कर थाने लाए थे। वहीं उससे कथित रूप से पैसे की वसूली की गई। मामला सामने आने के बाद उच्चाधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया और जांच के आदेश दिए।
कार्रवाई के तहत इंस्पेक्टर रत्नेश कुमार सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है, जबकि थाने की नई जिम्मेदारी विपिन सिंह को सौंपी गई है। खास बात यह है कि यह थाना संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है, जहां आसपास वीआईपी इलाका भी शामिल है।
सूत्रों के मुताबिक, जिस युवक को थाने लाया गया था, उसकी आमद जनरल डायरी (जीडी) में दर्ज की गई थी। पूछताछ के बाद उसे छोड़ भी दिया गया, लेकिन इसी दौरान पैसों के लेन-देन की बात सामने आई, जिसने पूरे मामले को गंभीर बना दिया।
प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि युवक की थाने में विधिवत एंट्री दर्ज थी, लेकिन वसूली के आरोपों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब मामले की विस्तृत जांच की जा रही है, जिसमें अन्य पुलिसकर्मियों की संलिप्तता भी खंगाली जा रही है।


