गौशाला में अव्यवस्थाओं का अंबार, कोई सुध नहीं

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कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे बैठी मिलीं गायें, निर्देशों के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था

फर्रुखाबाद। प्रदेश सरकार द्वारा गौवंश संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों के बीच खगऊ गौशाला की जमीनी हकीकत शर्मसार करने वाली है। निरीक्षण के दौरान गौशाला में कड़ाके की ठंड में गायों को खुले आसमान के नीचे बैठा पाया गया। सर्द हवाओं और गिरते तापमान के बावजूद उन्हें ठंड से बचाने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं थी। इससे स्थानीय लोगों और पशुप्रेमियों में भारी रोष है।
सूत्रों के अनुसार, गौशाला में लगाए गए टीन शेड में ढकाव तक नहीं था, जिससे उसका कोई उपयोग नहीं हो पा रहा है। कई गायें पूरी तरह खुले में बैठी थीं, जबकि तापमान लगातार नीचे जा रहा है। इस लापरवाही से बीमारियों और अप्रिय घटनाओं की आशंका बढ़ गई है।
यह स्थिति तब सामने आई है जब चार दिन पूर्व मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी गौवंश आश्रय स्थलों पर विशेष व्यवस्था करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। सचिव, ग्राम प्रधान और पशु चिकित्साधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया था कि ठंड से बचाव के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ तत्काल पूरी हों। इसके बावजूद खगऊ गौशाला में कोई सुधार नहीं दिखाई दिया।
गौशाला की बदहाली देखकर युवा व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष अंकुर श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे और उन्होंने स्वयं निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को फोन पर इस गंभीर स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा गौशालाओं के लिए भेजी जा रही सुविधाओं का सही उपयोग नहीं हो रहा, जिससे गौवंश को कष्ट उठाना पड़ रहा है।
अंकुर श्रीवास्तव ने चेतावनी देते हुए कहा यदि ठंड के कारण एक भी गाय की मौत होती है, तो इसके लिए संबंधित अधिकारी पूर्ण रूप से जिम्मेदार होंगे।
दो दिन के भीतर व्यवस्थाएँ दुरुस्त नहीं की गईं, तो युवा व्यापार मंडल सड़कों पर उतरकर कड़ा आंदोलन करेगा।उन्होंने इस संबंध में वीडीओ और सचिव से भी वार्ता कर स्थिति से अवगत कराया है।
स्थानीय लोग और पशुप्रेमी मांग कर रहे हैं कि तत्काल प्रभाव से ठंड से बचाव के लिए समुचित इंतज़ाम किए जाएँ, अन्यथा गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। गौशाला की यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

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