लखनऊ। राजधानी में इन दिनों गैस की किल्लत का असर साफ दिखाई देने लगा है। कमर्शियल गैस सिलेंडर की पर्याप्त आपूर्ति न होने के कारण होटल, ढाबों और छोटे भोजनालय संचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिसका सीधा असर खाने-पीने की चीजों के दामों पर पड़ने लगा है।
जानकारी के अनुसार कई इलाकों में कमर्शियल गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को खाना बनाने में दिक्कत आ रही है। सिलेंडर की कमी के चलते कई दुकानदारों ने खाने-पीने की चीजों के दामों में बढ़ोतरी कर दी है।
होटल और ढाबा संचालकों का कहना है कि गैस न मिलने की वजह से उन्हें मजबूरी में कोयला और लकड़ी का सहारा लेना पड़ रहा है, लेकिन इनकी कीमतों में भी अचानक बढ़ोतरी हो गई है। इससे उनकी लागत बढ़ गई है, जिसका असर ग्राहकों से लिए जाने वाले दामों पर पड़ रहा है।
कुछ व्यापारियों का कहना है कि पहले जहां गैस से आसानी से काम हो जाता था, वहीं अब वैकल्पिक ईंधन का इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस की किल्लत की वजह से चाय, नाश्ता और खाने की कई चीजों के दामों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति जल्द सामान्य कराई जाए, ताकि व्यापारियों और आम लोगों को राहत मिल सके।


