एलपीजी गैस उपभोक्ताओं को इन दिनों भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गैस सिलेंडर बुक कराने के बावजूद उपभोक्ताओं के मोबाइल पर डिलीवरी कोड नहीं पहुंच रहा, जिससे वे गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। इस समस्या के चलते एजेंसियों पर भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है।
इस संबंध में भारतीष मिश्रा ने बताया कि हजारों उपभोक्ताओं ने लंबे समय से अपनी केवाईसी (KYC) अपडेट नहीं कराई है। इसके अलावा कई मामलों में उपभोक्ताओं की मृत्यु के बाद उनके वारिसों ने कनेक्शन में नाम और मोबाइल नंबर अपडेट नहीं कराया है।
उन्होंने कहा कि यही मुख्य कारण है कि गैस बुकिंग के बाद उपभोक्ताओं तक ओटीपी या डिलीवरी कोड नहीं पहुंच पा रहा है। बिना कोड के गैस वितरण संभव नहीं होने के कारण उपभोक्ताओं को एजेंसियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जिससे अनावश्यक भीड़ बढ़ रही है।
एजेंसी संचालकों का कहना है कि वे उपभोक्ताओं को बार-बार केवाईसी अपडेट कराने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन जागरूकता की कमी के चलते लोग इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसका सीधा असर वितरण व्यवस्था पर पड़ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल सिस्टम लागू होने के बाद केवाईसी और मोबाइल नंबर अपडेट होना बेहद जरूरी हो गया है। इससे न केवल पारदर्शिता बनी रहती है, बल्कि गलत वितरण और कालाबाजारी पर भी रोक लगती है।
संघ के अध्यक्ष ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपनी केवाईसी प्रक्रिया पूरी करें और सही मोबाइल नंबर दर्ज कराएं। इससे गैस वितरण व्यवस्था सुचारू होगी और एजेंसियों पर लगने वाली भीड़ भी कम हो सकेगी।


