एजेंसियों पर उमड़ी भीड़,प्रशासन ने कहा—सिलेंडर की कोई कमी नहीं
फर्रुखाबाद। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध की खबरों के बाद देशभर में एलपीजी गैस को लेकर लोगों में आशंका बढ़ गई है। इसी बीच केंद्र सरकार ने घरेलू गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम 1968 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 लागू कर दिया है। सरकार ने रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने तथा हाइड्रोकार्बन उत्पादन इकाइयों को भी एलपीजी उत्पादन की ओर मोड़ने के निर्देश दिए हैं, ताकि देश में गैस की आपूर्ति प्रभावित न हो।
युद्ध की संभावित स्थिति और गैस की किल्लत की आशंका के चलते फर्रुखाबाद जनपद में भी एलपीजी सिलेंडर को लेकर लोगों में घबराहट देखी जा रही है। फतेहगढ़ से लेकर फर्रुखाबाद शहर तक की गैस एजेंसियों पर सुबह से शाम तक सिलेंडर बुक कराने और लेने के लिए ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं और लोग जल्द से जल्द सिलेंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं।
गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार सिलेंडर वितरण की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत की जा रही है। एजेंसियों पर ओटीपी सत्यापन के बाद ही सिलेंडर दिए जा रहे हैं और यह सुविधा केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को मिल रही है जिनके पिछले सिलेंडर को लिए 25 दिन पूरे हो चुके हैं। इसके कारण कई लोगों को तत्काल सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है।
शादी–विवाह के मौसम में स्थिति और अधिक परेशानी भरी हो गई है। कई परिवारों ने बताया कि समारोहों में खाना बनाने के लिए अतिरिक्त सिलेंडर की आवश्यकता होती है, लेकिन एजेंसियों से समय पर सिलेंडर न मिलने के कारण उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि जिला प्रशासन ने लोगों से घबराने की जरूरत न होने की अपील की है। जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) सुरेंद्र यादव ने बताया कि जनपद में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है और सभी गैस एजेंसियों पर पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि अफवाहों के कारण लोग एक साथ सिलेंडर लेने पहुंच रहे हैं, जिससे एजेंसियों पर भीड़ दिखाई दे रही है।
डीएसओ ने स्पष्ट किया कि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत के अनुसार गैस की आपूर्ति कराई जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अनावश्यक रूप से सिलेंडर जमा न करें और अफवाहों पर ध्यान न दें, क्योंकि जिले में गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है।


