फर्रुखाबाद। गंगा नदी का कटान लगातार भयावह रूप लेता जा रहा है। शमशाबाद ब्लॉक के समेचीपुर और सदर तहसील के कई गांवों में स्थिति गंभीर हो गई है। नदी के बढ़ते कटान के चलते ग्रामीण अपने ही हाथों से मकान तोड़कर ईंटें और सरिया निकाल रहे हैं, ताकि कुछ निर्माण सामग्री बचा सकें। साथ ही परिवारजन सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं।
कायमगंज तहसील क्षेत्र के गांव समेचीपुर में हालात सबसे ज्यादा गंभीर हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में लगभग 20 मकान गंगा की धारा में समा चुके हैं। मजबूर होकर लोग अपने घरों को खुद ध्वस्त कर रहे हैं, ताकि नुकसान को कुछ हद तक कम किया जा सके।
इधर सदर तहसील क्षेत्र के गांवों में भी गंगा का कटान लगातार बढ़ रहा है। दिलीप की मड़ैया जैसे इलाकों में कटान तेज हुआ है। हालांकि इस गांव को करीब 20 दिन पहले ही खाली करा लिया गया था, लेकिन नदी की धाराओं का दबाव लगातार नई जमीन और मकानों को अपनी चपेट में ले रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का जलस्तर कम होने के बाद धारा ने किनारों पर दबाव डालना शुरू किया है। इसके चलते नदी का कटान और अधिक भयावह हो गया है। हालात देखकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और वे अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता की स्थिति में जी रहे हैं।





