फर्रुखाबाद| ऐतिहासिक पांचाल घाट पर आयोजित श्री रामनगरिया मेले के दौरान गंगा नदी का लगातार कटान श्रद्धालुओं और प्रशासन दोनों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। बीते तीन दिनों से गंगा की धारा दुर्वासा ऋषि आश्रम के ठीक सामने तेजी से कटान कर रही है, जिससे घाट क्षेत्र प्रभावित हो रहा है। कटान की गंभीरता को देखते हुए बच्चा बाबा के आश्रम परिसर में कल्पवासियों के लिए बनाई गई सात अस्थायी राउटी (झोपड़ियां) सुरक्षा की दृष्टि से हटानी पड़ी हैं।
पांचाल घाट पर इस समय हजारों की संख्या में संत-महात्मा और श्रद्धालु कल्पवास कर रहे हैं। गंगा पुत्रों के अनुसार, बीते तीन दिनों में गंगा नदी ने लगभग एक मीटर तक कटान कर लिया है और उसकी धार लगातार किनारे की ओर बढ़ रही है। इससे घाट की स्थिरता पर खतरा उत्पन्न हो गया था। कल्पवासियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और कोई अप्रिय घटना न घटे, इसके लिए गंगा पुत्रों द्वारा तत्काल मोर्चा संभालते हुए घाटों को दुरुस्त करने का कार्य शुरू कराया गया है।
बच्चा बाबा ने बताया कि कटान की गति काफी तेज है। गंगा का जलस्तर और बहाव लगातार किनारे की मिट्टी को काट रहा है, जिससे आश्रम के पास बनी राउटी असुरक्षित हो गई थीं। इसी कारण समय रहते सात राउटी हटवाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं उठाया जा सकता।
गंगा पुत्र रामनिवास ने भी पुष्टि करते हुए बताया कि पिछले तीन दिनों से गंगा नदी लगातार कटान कर रही है और उसकी धार उसी ओर बढ़ रही है, जहां कल्पवासियों का ठहराव है। उन्होंने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नए घाट का निर्माण करना पड़ा है। इसके लिए पहले ट्रैक्टर चलवाकर जमीन को समतल कराया गया, ताकि श्रद्धालुओं को गंगा स्नान और आरती के दौरान परेशानी न हो।
गंगा पुत्रों के अनुसार, पांचाल घाट पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा आरती के लिए पहुंचते हैं। कटान के कारण आवागमन में दिक्कत हो रही थी, जिसे ध्यान में रखते हुए घाट को सुरक्षित और सुगम बनाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल कटान पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर और भी सुरक्षा इंतजाम किए जाने की बात कही जा रही है।





