गाजियाबाद। तीन बहनों की मौत के मामले में पुलिस जांच से जुड़ा बड़ा अपडेट सामने आया है। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि अब तक ऐसा कोई तकनीकी या डिजिटल सबूत नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो सके कि तीनों बहनें किसी कोरियन टास्क-बेस्ड ऐप का इस्तेमाल कर रही थीं।
तकनीकी जांच में क्या सामने आया
पुलिस के अनुसार, मोबाइल फोन, इंटरनेट गतिविधियों और अन्य डिजिटल पहलुओं की गहन जांच की गई है। जांच में किसी संदिग्ध ऐप, ऑनलाइन टास्क या डिजिटल निर्देश से जुड़े प्रमाण नहीं मिले हैं। इस आधार पर फिलहाल कोरियन ऐप से जुड़ी आशंकाओं की पुष्टि नहीं होती।
हालांकि, मृतक बहनों के कमरे से बरामद डायरी में कुछ महत्वपूर्ण बातें दर्ज मिली हैं। पुलिस के मुताबिक, डायरी में
कोरियन कल्चर और के-पॉप से जुड़ी रुचि का उल्लेख,
निजी भावनात्मक बातें,
पारिवारिक तनाव और मानसिक दबाव का जिक्र,
इन बिंदुओं को जांच के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों और सबूतों की वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है। डायरी की सामग्री को मनोवैज्ञानिक और सामाजिक पहलुओं के नजरिये से भी परखा जा रहा है।
फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों के बयान, डिजिटल डेटा और अन्य साक्ष्यों को जोड़कर पूरे घटनाक्रम की कड़ी बनाने में जुटी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अफवाहों से बचना जरूरी है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
गाजियाबाद के तीन बहनों की मौत के मामले में कोरियन ऐप से जुड़ी चर्चाओं पर पुलिस ने विराम लगाते हुए कहा है कि ऐसा कोई पुख्ता सबूत अब तक सामने नहीं आया है। वहीं, डायरी में मिले संकेतों के आधार पर मानसिक और पारिवारिक परिस्थितियों की गहराई से जांच जारी है।




