इंजी.विकास कटियार
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के जनपद महाराजगंज (Maharajganj) की साधारण पृष्ठभूमि में जन्मे डॉ. राकेश पटेल (Dr. Rakesh Patel) उन व्यक्तित्वों में हैं, जिनकी जीवन-यात्रा यह सिखाती है कि परिस्थितियाँ चाहे जैसी हों, मेहनत, लगन और कर्तव्यनिष्ठा इंसान को ऊँचाइयों तक पहुँचा सकती है। 2010 बैच के पीसीएस अधिकारी के रूप में उन्होंने प्रशासनिक दक्षता के साथ-साथ समाज के प्रति संवेदनशील जिम्मेदारी को भी अपनी पहचान बनाया।
डॉ. राकेश पटेल पठन-पाठन को सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। अपनी तैनाती के दौरान उन्होंने कई जनपदों में पढ़ने वाले बच्चों और युवाओं के लिए पुस्तकालयों की स्थापना करवाई, ताकि किताबें केवल अलमारियों में नहीं, बल्कि सपनों की राह में साथ चलें। उन्होंने आसपास के गरीब और संसाधनविहीन युवाओं को न केवल पढ़ाई के लिए प्रेरित किया, बल्कि उन्हें शैक्षणिक सहयोग, मार्गदर्शन और सामग्री भी उपलब्ध कराई—और यह सिलसिला आज भी जारी है। कई युवा, जो आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छोड़ने वाले थे, आज आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
शिक्षा के प्रति उनकी निष्ठा का प्रमाण देश के प्रतिष्ठित संस्थान जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से समाजशास्त्र में पीएचडी है। प्रशासनिक सेवाओं में रहते हुए अध्ययन, शोध और विचार की निरंतरता उनकी विशिष्ट पहचान रही है। इसके साथ ही, डॉ. राकेश पटेल पर्यावरण संरक्षण और नदियों को बचाने के लिए लगातार सक्रिय रहे हैं। स्वच्छता, जल-संरक्षण, नदी-तटों की संवेदनशीलता और जन-जागरूकता—इन सभी विषयों पर उन्होंने ज़मीनी स्तर पर पहल की। उनका विश्वास है कि नदियाँ केवल जलधाराएँ नहीं, बल्कि सभ्यता की जीवनरेखा हैं; इन्हें बचाना आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करना है।
साहित्य और विचार के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय है। उनकी रचित कई किताबें नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं—जो शिक्षा, समाज, प्रशासन और पर्यावरण जैसे विषयों पर सोचने की दिशा देती हैं। ये कृतियाँ युवाओं को यह समझाती हैं कि ज्ञान केवल परीक्षा पास करने का साधन नहीं, बल्कि समाज को बेहतर बनाने का माध्यम है।
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में अपनी सेवाओं के दौरान उन्होंने गुड गवर्नेंस को जमीन पर उतारकर दिखाया—जहाँ संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही प्राथमिक रही। अपने परिवार और पिता का नाम अपनी मेहनत के बलबूते रोशन करने वाले डॉ. राकेश पटेल 2026 मे वो आई.ए.एस. अवार्डेड होने जा रहे हैं। यह सम्मान उनकी वर्षों की तपस्या, ईमानदार सेवा और समाज के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतिफल है। डॉ. राकेश पटेल का जीवन नई पीढ़ी के लिए यह संदेश है कि शिक्षा, सतत परिश्रम, पर्यावरण के प्रति संवेदना और समाज के प्रति जिम्मेदारी—इन चार स्तंभों पर खड़ा व्यक्ति न केवल सम्मान पाता है, बल्कि समाज को नई दिशा भी देता है। वे आज हजारों युवाओं के लिए एक जीवंत प्रेरणा हैं।


