– आशू दीप रैना: वह नाम जो भारतीय वास्तुकला को दिला रहा है वैश्विक पहचान
नई दिल्ली/नोएडा: जब भारतीय प्रतिभा देश की सीमाओं को पार कर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाती है, तो वह केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होती, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए गर्व का विषय बन जाती है। ऐसे ही एक गौरवशाली नाम हैं आशू दीप रैना, जो आज भारत से लेकर सिंगापुर (Singapore) और अमेरिका (US) के टेक्सास जैसे विकसित क्षेत्रों तक अपनी वास्तुकला प्रतिभा की विशिष्ट छाप छोड़ रहे हैं।
देश के जाने-माने वास्तुविद् आशू दीप रैना ने अपनी संस्था कांसेप्ट इक्विलिब्रियम के माध्यम से वास्तुकला, आंतरिक सज्जा एवं लैंडस्केप डिज़ाइन के क्षेत्र में ऐसे उच्च मानक स्थापित किए हैं, जो तकनीकी उत्कृष्टता के साथ-साथ सौंदर्य और संतुलन का अद्भुत समन्वय प्रस्तुत करते हैं। भारत के प्रतिष्ठित मॉल और फाइव स्टार होटल परियोजनाओं से लेकर सिंगापुर, कनाडा और अमेरिका के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तक, आशू दीप रैना की डिज़ाइन दृष्टि को वैश्विक स्तर पर सराहना मिली है। उनके प्रत्येक डिज़ाइन में आधुनिकता के साथ भारतीय संवेदनशीलता, सांस्कृतिक समझ और संतुलित सोच की स्पष्ट झलक दिखाई देती है।
नोएडा स्थित कांसेप्ट इक्विलिब्रियम आज केवल एक वास्तुकला संस्था नहीं, बल्कि रचनात्मक उत्कृष्टता का एक सशक्त ब्रांड बन चुकी है। पर्यावरणीय संतुलन, उपयोगिता और सौंदर्य का समन्वय प्रत्येक परियोजना में उनकी विशिष्ट पहचान है, जो उन्हें अन्य वास्तुविदों से अलग स्थापित करता है।
युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत
आशू दीप रैना का जीवन-सफर उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने का सपना देखते हैं। उनकी सफलता यह सिद्ध करती है कि यदि प्रतिभा के साथ अनुशासन, परिश्रम और दूरदृष्टि हो, तो भारतीय हुनर विश्व के किसी भी कोने में सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त कर सकता है।
आज जब भारतीय वास्तुविद् अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में नेतृत्व की भूमिका निभा रहे हैं, तब आशू दीप रैना जैसे नाम यह प्रमाणित करते हैं कि भारत केवल उपभोक्ता राष्ट्र नहीं, बल्कि वैश्विक डिज़ाइन नेतृत्वकर्ता भी है।


