मोतिहारी: बिहार (Bihar) के पूर्वी चंपारण जिले में कथित तौर पर नकली शराब पीने (spurious liquor) से कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से बीमार हो गए।अधिकारियों के अनुसार, 12 से अधिक लोग बीमार पड़ गए, जिनमें से कुछ की आंखों की रोशनी चली गई, जबकि अन्य को मुजफ्फरपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा, “कई पीड़ितों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है।”
पुलिस ने मृतकों में से एक के परिवार की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। मोतिहारी सदर के सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) दिलीप कुमार ने बताया कि अब तक 12 से 15 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और एक ग्राम चौकीदार को निलंबित कर दिया गया है।
उन्होंने कहा, “प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि सभी पीड़ितों ने नकली शराब का सेवन किया था। हमने आपूर्ति श्रृंखला की पहचान कर ली है और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।” उन्होंने आगे कहा कि पूछताछ के दौरान और भी नाम सामने आ सकते हैं। मृतकों की पहचान चंदू (32), प्रमोद यादव (32), परिक्षण मांझी (55) और हीरालाल महतो के रूप में हुई है, जिनकी निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।
पुलिस के अनुसार, चंदू के परिवार ने बिना किसी को सूचित किए जल्दबाजी में उसका अंतिम संस्कार कर दिया, जिससे यह घटना शुरू में गुप्त रही। घटना का खुलासा तब हुआ जब बलगंगा गांव के निवासी लोहा ठाकुर की तबीयत अचानक बिगड़ गई, उनकी आंखों की रोशनी कम होने लगी और बाद में वे बेहोश हो गए।
पुलिस ने बताया, उनके परिवार वाले उन्हें इलाज के लिए नर्सिंग होम ले गए, जहां चिकित्सा जांच में पुष्टि हुई कि उन्होंने जहरीली शराब का सेवन किया था। ठाकुर को तुरंत मोतिहारी सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। ठाकुर ने घटना का ब्योरा देते हुए कहा, हमने सोचा था कि यह साधारण शराब है, लेकिन यह स्पिरिट निकली। उनकी पत्नी ने बताया कि उन्होंने रात के खाने के बाद थोड़ी मात्रा में इसका सेवन किया था और अगली सुबह उनकी तबीयत खराब हो गई। पुलिस ने बताया कि शराब संभवतः नेपाल सीमा के पार तस्करी करके लाई गई थी और जांच जारी है।


