इटावा। जिले के इकदिल क्षेत्र स्थित ग्राम चितभवन में नियमित टीकाकरण के बाद चार माह के एक मासूम की मौत हो जाने से परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर गलत वैक्सीन लगाने और लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। इकलौते पुत्र की असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार ग्राम चितभवन निवासी इरशाद के चार माह के पुत्र हुसैन को बीती 11 तारीख को गांव में आयोजित नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के दौरान एएनएम द्वारा टीका लगाया गया था। परिजनों का आरोप है कि टीकाकरण के कुछ ही समय बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी और उसे तेज बुखार आ गया। शुरुआत में परिजनों ने इसे सामान्य प्रतिक्रिया समझकर घरेलू स्तर पर ही देखभाल की, लेकिन धीरे-धीरे बच्चे की हालत और गंभीर होती चली गई।
शनिवार को जब मासूम की हालत ज्यादा बिगड़ गई तो परिजन उसे तत्काल बसरेहर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लेकर पहुंचे। वहां मौजूद डॉक्टरों ने बच्चे की हालत गंभीर देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में भी उपचार के दौरान स्थिति में सुधार नहीं होने पर चिकित्सकों ने उसे उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के लिए रेफर कर दिया।
सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती किए जाने के बाद चिकित्सकों ने बच्चे का इलाज शुरू किया, लेकिन हालत लगातार बिगड़ती चली गई और उपचार के दौरान मासूम हुसैन ने दम तोड़ दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
मृतक बच्चे के पिता इरशाद का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और सही समय पर उचित सलाह व उपचार न मिलने के कारण उनके इकलौते बेटे की जान चली गई। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सही उपचार मिलता तो शायद बच्चे की जान बच सकती थी।
वहीं इस मामले में जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसरेहर के अधीक्षक से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनसे बात नहीं हो सकी। घटना के बाद गांव में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।


