लखनऊ: पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता अमिताभ ठाकुर (Former IPS officer Amitabh Thakur) की हालत को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है। मंगलवार को उन्हें हार्ट अटैक (heart attack) आने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सूत्रों के अनुसार, उपचार के बावजूद उनकी स्थिति अभी पूरी तरह स्थिर नहीं मानी जा रही है और चिकित्सक लगातार निगरानी में रखे हुए हैं।
चिकित्सकीय सूत्रों के मुताबिक— हार्ट अटैक के बाद उन्हें क्रिटिकल केयर यूनिट (CCU) में रखा गया
दिल की कार्यक्षमता (इजेक्शन फ्रैक्शन) सामान्य स्तर से काफी कम बताई जा रही है,
लगातार ईसीजी और ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग की जा रही है,
डॉक्टरों ने अगले 48 से 72 घंटे को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। बताया जा रहा है कि हार्ट अटैक के बाद शरीर में ऑक्सीजन सप्लाई और ब्लड सर्कुलेशन को संतुलित रखने में अभी भी दिक्कत बनी हुई है, जिस कारण उनकी हालत को पूरी तरह खतरे से बाहर नहीं माना जा रहा है। परिजनों और समर्थकों का कहना है कि अमिताभ ठाकुर को पहले से ही लगातार धमकियां मिल रही थीं। ऐसे में अचानक तबीयत बिगड़ने और हार्ट अटैक आने के बाद उनकी जान को खतरे की आशंका और बढ़ गई है। इसको लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
समर्थकों में चिंता, दुआओं का दौर
अमिताभ ठाकुर की हालत की खबर फैलते ही सामाजिक संगठनों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों में चिंता की लहर है। सोशल मीडिया पर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामनाएं की जा रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि हार्ट अटैक के बाद की स्थिति बेहद संवेदनशील होती है। यदि अगले कुछ दिनों में शरीर उपचार के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया देता है, तो स्थिति में सुधार संभव है। फिलहाल उन्हें पूर्ण आराम और मानसिक तनाव से दूर रखने की सलाह दी गई है।


