– वरुणा किनारे डूबे घर, पलायन तेज
– राहत की बात यही है कि फिलहाल गंगा स्थिर हो गई हैं।
वाराणसी: Ganga के पलट प्रवाह ने वरुणा नदी के किनारे बसे इलाकों में भारी तबाही मचा दी है। वरुणा नदी (Varuna River) में आई बाढ़ के चलते सैकड़ों घर जलमग्न हो गए हैं। कई मकान तो पहली मंजिल तक डूब चुके हैं, जिससे लोगों को एक बार फिर पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा है। राहत शिविरों में लगातार लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है, जहां अब तक 500 से अधिक परिवारों को शरण दी जा चुकी है।
पिछले कुछ दिनों में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा और चेतावनी बिंदु को पार कर गया। हालांकि, गुरुवार सुबह जलस्तर 70.92 मीटर पर स्थिर हो गया है, जो खतरे के निशान 71.262 मीटर से कुछ नीचे है। बावजूद इसके, सरकारी अनुमान के अनुसार शुक्रवार को जलस्तर 71.4 मीटर तक पहुंच सकता है, जिससे खतरा अभी टला नहीं है।
वरुणा के बेसिन में बने कई घर पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं। पुरानापुल इलाके में चार दर्जन से ज्यादा घर बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इस सीजन में तीसरी बार लोग बाढ़ के कारण घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। राहत शिविरों में शरण लेने वालों में बड़ी संख्या महिलाओं और बच्चों की है, जो सिर पर गठरी और गोद में बच्चों को लेकर सुरक्षित स्थान की तलाश में भटक रहे हैं।
गंगा और वरुणा के मिलन से उत्पन्न इस त्रासदी ने तटवर्ती कॉलोनियों की जीवन रेखा तोड़ दी है। प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन बाढ़ की मार झेल रहे लोगों के चेहरों पर चिंता साफ नजर आ रही है। फिलहाल गंगा के घटने का कोई संकेत नहीं है, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 29 अगस्त को दो दिनी दौरे पर वाराणसी आ रहे हैं। वे यहां मॉरीशस प्रधानमंत्री के आगमन की तैयारी और बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों का जायजा लेंगे। मुख्यमंत्री शाम करीब 4:30 बजे प्रतापगढ़ से हेलीकॉप्टर से पुलिस लाइन आएंगे। यहां से सर्किट हाउस जाएंगे। आधे घंटे विश्राम के बाद सवा पांच बजे से मॉरीशस प्रधानमंत्री के 11 सितंबर की बनारस में प्रस्तावित द्विपक्षीय बैठक और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारी की समीक्षा करेंगे। बैठक के पश्चात वह काशी विश्वनाथ और कालभैरव मंदिर में दर्शन-पूजन करने जाएंगे।