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Saturday, January 31, 2026

एक के बाद एक धमाके, बंदर अब्बास और अहवाज में गैस रिसाव से विस्फोट, पांच की मौत

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कई महीनों से आंतरिक विरोध प्रदर्शनों और आर्थिक दबावों से जूझ रहे ईरान को शनिवार को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। दक्षिणी ईरान के समुद्र तटीय शहर बंदर अब्बास में जोरदार धमाका हुआ, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह विस्फोट गैस रिसाव के कारण हुआ, जिसमें कई इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है।

इसी तरह, इराक सीमा के पास स्थित अहवाज शहर में भी गैस रिसाव से एक और धमाका होने की खबर सामने आई है। इन दोनों घटनाओं में अब तक कुल पांच लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि 14 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान के अलग-अलग हिस्सों में एक नहीं बल्कि सात धमाके हुए हैं। इन रिपोर्ट्स के मुताबिक राजधानी तेहरान के अलावा बंदर अब्बास, तबरीज, कोम, अहवाज, नंताज और परंद जैसे शहरों में भी विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि, ईरान सरकार या आधिकारिक एजेंसियों की तरफ से इन सभी धमाकों की पुष्टि नहीं की गई है।

बंदर अब्बास में हुए धमाके पर ईरान के अग्निशमन विभाग के प्रमुख मोहम्मद अमीन लियाकत ने सरकारी समाचार एजेंसी मेहर से बात करते हुए कहा कि शुरुआती जांच में गैस रिसाव को ही विस्फोट की वजह माना जा रहा है। उन्होंने कहा, “प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह धमाका गैस के कारण हुआ है। आने वाले कुछ घंटों में जांच पूरी होने के बाद और विवरण साझा किया जाएगा।”

धमाके के बाद बंदर अब्बास के कई इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। घटनास्थल के आसपास की सड़कों को बंद कर दिया गया और राहत एवं बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे। मलबे में फंसे लोगों को निकालने का काम देर रात तक जारी रहा। कई इमारतें आंशिक या पूरी तरह से ढह गई हैं।

सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़े कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में देखा जा सकता है कि इमारतें मलबे में तब्दील हो चुकी हैं और उनके सामने खड़ी गाड़ियां टूटे हुए पत्थरों और कंक्रीट की वजह से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। चारों ओर धुआं और तबाही का मंजर नजर आ रहा है।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने इन वीडियो की लोकेशन की पुष्टि के लिए इमारतों, पेड़ों और सड़कों के लेआउट का विश्लेषण किया है, जो सैटेलाइट और पहले से मौजूद फाइल इमेजरी से मेल खाते हैं। हालांकि, रॉयटर्स ने यह भी साफ किया है कि वीडियो किस तारीख के हैं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

इन धमाकों की खबर सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अटकलों का दौर शुरू हो गया। ईरान में हाल के वर्षों में हुए कई रहस्यमय विस्फोटों और हमलों के चलते सबसे पहले शक अमेरिका और इजरायल की ओर गया। सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर कई तरह के कयास लगाए जाने लगे।

हालांकि, अमेरिकी मीडिया चैनल सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजरायल के अधिकारियों ने इन धमाकों में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है। दोनों देशों ने साफ किया है कि इन घटनाओं से उनका कोई लेना-देना नहीं है और यह ईरान का आंतरिक मामला है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ये विस्फोट वाकई गैस रिसाव के कारण हुए हैं, तो यह ईरान के बुनियादी ढांचे की जर्जर हालत और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर करता है। ऐसे समय में, जब देश पहले ही आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा है, इस तरह की घटनाएं सरकार के लिए नई चुनौती बनकर सामने आ रही हैं।

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