सिद्धार्थनगर: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर (Siddharthnagar) में बड़े साइबर धोखाधड़ी रैकेट (cyber fraud case) का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने भारत के कई राज्यों में लोगों से 1.07 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की। आरोपियों ने पीड़ितों को बहला-फुसलाकर उनके बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए, जिनका इस्तेमाल बाद में निजी खर्चों के लिए किया गया।
सर्किल अधिकारी विश्वजीत सौर्यन के अनुसार, कोतवाली कपिलवस्तु पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान पता चला कि विभिन्न राज्यों से राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर आरोपियों के खिलाफ 35 शिकायतें दर्ज की गई थीं। इन शिकायतों से पुष्टि हुई कि आरोपियों ने फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी से पैसे हासिल किए थे। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान शहजाद खान, आशीष कुमार मिश्रा, परवेज़, अब्दुल अहद और मोहम्मद वसीम के रूप में हुई है।
पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने धोखाधड़ी से प्राप्त धन का उपयोग अपने दैनिक खर्चों और अन्य जरूरतों के लिए किया। पुलिस ने उनके पास से सात मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल, एक मारुति स्विफ्ट कार और 98,200 रुपये नकद बरामद किए। सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। एक ‘म्यूल अकाउंट’ वह बैंक खाता होता है जिसका उपयोग अपराधी धोखाधड़ी या अन्य अवैध गतिविधियों से प्राप्त धन को स्थानांतरित करने और छिपाने के लिए करते हैं, इस प्रक्रिया को मनी लॉन्ड्रिंग के रूप में जाना जाता है। धन को कई ‘म्यूल अकाउंट’ के माध्यम से भेजा जाता है, जिससे जांच एजेंसियों के लिए धन के मूल स्रोत और अंतिम उपयोग का पता लगाना मुश्किल हो जाता है।


