फर्रुखाबाद। पत्रकार सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पत्रकार ऋषि सेंगर ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि जानलेवा हमले जैसी गंभीर घटना के बावजूद उनकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
आवास विकास निवासी पत्रकार ऋषि सेंगर पुत्र चंद्रपाल सेंगर ने पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि बीती रात करीब 8 बजे वह अपनी इंडिगो कार से आवास विकास स्थित एक निजी अस्पताल गए थे। इसी दौरान एक कार संख्या यूपी 14 सीएन 2066 ने उनकी गाड़ी में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उनकी कार क्षतिग्रस्त हो गई। पत्रकार का आरोप है कि घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज देखने से प्रतीत होता है कि यह टक्कर किसी दुर्घटना का नहीं बल्कि सुनियोजित तरीके से जान से मारने की नीयत से की गई।
ऋषि सेंगर ने अपने प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि वह एक न्यूज़ चैनल पर लगातार माफियाओं, अपराधियों और जिहादी गतिविधियों के विरुद्ध समाचार प्रकाशित करते रहे हैं। इसी वजह से उन्हें पहले भी धमकियां मिलती रही हैं और अब यह हमला उसी कड़ी का हिस्सा हो सकता है।पीड़ित पत्रकार ने घटना के तुरंत बाद थाना कादरी गेट प्रभारी को तहरीर दी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया। इससे आहत होकर पत्रकार ऋषि सेंगर ने अन्य पत्रकार साथियों के साथ पुलिस अधीक्षक आरती सिंह एवं जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी से मुलाकात कर पूरे प्रकरण से अवगत कराया और निष्पक्ष जांच व सख्त कार्रवाई की मांग की है।पत्रकार संगठनों में इस घटना को लेकर रोष व्याप्त है और उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।





