नई दिल्ली: हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 (Haryana Assembly Elections) में कांग्रेस पार्टी (congress party) का टिकट दिलाने के नाम पर करीब 7 करोड़ रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता गौरव कुमार ने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी को हरियाणा की बावल विधानसभा सीट से टिकट दिलाने का भरोसा दिया गया था। दिल्ली पुलिस ने हरियाणा के गौरव कुमार की शिकायत पर नॉर्थ एवेन्यू पुलिस स्टेशन में कांग्रेस के कुछ नेताओं और उनके सहयोगियों के खिलाफ नामजद मुदकमा दर्ज कर लिया है।
हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 को लगभग डेढ़ साल से ज्यादा का समय हो चुका है। अब चुनाव में टिकट के नाम पर 7 करोड़ की धोखाधड़ी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बीते हरियाणा चुनाव में कांग्रेस पार्टी में टिकट के बदले के पैसे लेने का मामले ने तूल पकड़ लिया है। दिल्ली पुलिस ने हरियाणा के गौरव कुमार की शिकायत पर नॉर्थ एवेन्यू पुलिस स्टेशन में कांग्रेस के कुछ नेताओं और उनके सहयोगियों के खिलाफ नामजद मुदकमा दर्ज कर लिया है।
आरोप है कि गौरव की पत्नी सुचित्रा देवी को बावल विधानसभा सीट पर टिकट के लिए उनसे सात करोड़ रुपए मांगे गए थे। सुचित्रा देवी पूर्व में हरियाणा महिला कांग्रेस की महासचिव भी थीं लेकिन बाद में पार्टी ने उन्हें बाहर कर दिया था। गौरव का दावा है कि ये पैसे बैंक खातों के साथ-साथ अलग-अलग तरीके से दिए गए।
बताते चले कि हरियाण चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था, टिकट बंटवारे को लेकर पार्टी में काफी घमासान भी हुआ था। यही नहीं अलग-अलग गुटबाजी भी देखने को मिली थी। अब इतने सनसनीखेज आरोप लगने के बाद अभी किसी कांग्रेस नेता का बयान सामने नहीं आया है, जबकि पार्टी ने सुचित्रा देवी को पहले ही अनुशासनहीनता के आरोप में बाहर का रास्ता दिखा दिया था।
फिलहाल दिल्ली पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है लेकिन माना जा रहा है इस प्रकरण में बीजेपी को कांग्रेस के ऊपर हमला करने के एक और हथियार दे दिया है। पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक गौरव कुमार ने आरोप लगाया है कि हरियाण चुनाव में टिकट दिलवाने के नाम पर कांग्रेस के कई सीनियर नेताओं और उनके निजी सहायकों को पैसे दिए गए।
पूरा भुगतान विचौलियों और सहायकों के द्वारा किया गया जिन नेताओं के नाम हैं उनमें के सुरेश, केसी वेणुगोपाल और अन्य सहयोगियों के नाम शामिल हैं। यही नहीं सुबूतों के रूप में भुगतान की डिटेल और व्हाट्सएप चैट और ट्रांजैक्शन डिटेल भी शेयर की गयीं हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि इन लोगों ने रकम वापस करने का आश्वासन दिया था और कुछ रकम लौटाई भी गई है। बाकी पैसे देने में देरी होने पर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत 2 मार्च को दी गई थी।


