शासन की सख्ती के बावजूद नहीं थम रही हर्ष फायरिंग की घटनाएँ
कमालगंज। थाना क्षेत्र के ग्राम उमराव नगला में नामकरण संस्कार की खुशियाँ उस समय मातम में बदल गईं जब हर्ष फायरिंग के दौरान गांव के ही युवक अंशु यादव (25 वर्ष) पुत्र चंद्रपाल सिंह यादव की गोली लगने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना शुक्रवार देर शाम की बताई जा रही है, जिसने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी।
परिजनों के अनुसार अंशु अपने परिचित विजय यादव फौजी के पुत्र के नामकरण संस्कार की दावत में गया था। इसी दौरान धारा नगला निवासी व ग्राम प्रधान कश्मीर सिंह यादव का पौत्र गोलू यादव अपने बाबा की दोनाली बंदूक लेकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गया।
तहरीर के मुताबिक गोलू यादव ने अंशु को देखते ही अपने साथी विकास पुत्र विनोद यादव से कहा कि “अंशु को गोली मार दो।” इतना कहते ही विकास ने अंशु पर फायर कर दिया। गोली सीधा उसके सीने में लगी, जिससे उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
घटना के बाद ग्राम प्रधान कश्मीर सिंह यादव कथित तौर पर दोनाली बंदूक और कारतूस लेकर फरार हो गए।
मृतक के चाचा सुधीर यादव पुत्र बृजलाल की तहरीर पर पुलिस ने दोनों आरोपियों गोलू यादव व विकास यादव के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। पुलिस टीम लगातार दबिश देकर उनकी गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक, सीओ अमृतपुर, और थाना प्रभारी राजीव कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
शासन द्वारा हर्ष फायरिंग पर सख्त प्रतिबंध के निर्देशों के बावजूद क्षेत्र में लगातार ऐसी घटनाएँ हो रही हैं। कमालगंज की यह घटना फिर एक बार बताती है कि जन-समारोहों में हथियारों का उपयोग कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकता है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि पुलिस ऐसे आयोजनों में कड़ी निगरानी रखे और अवैध हथियार चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
घटना से पूरे गांव में शोक व आक्रोश का माहौल है, और लोगों में आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग बढ़ रही है।





