नई दिल्ली| पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा होते ही प्रशासनिक और पुलिस महकमे में बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिले हैं। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से मुख्य चुनाव आयोग ने रविवार रात राज्य के कई शीर्ष अधिकारियों को उनके पदों से हटाकर नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश जारी किए।
आयोग के निर्देश पर राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा को उनके पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह 1993 बैच के आईएएस अधिकारी दुष्यंत नारियवाला को पश्चिम बंगाल का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है, जबकि संघमित्रा घोष को राज्य का नया गृह सचिव बनाया गया है। चुनाव आयोग ने नए मुख्य सचिव को सोमवार दोपहर तीन बजे तक अपना पदभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं।
नए मुख्य सचिव दुष्यंत नरियावाला इससे पहले राज्य सरकार के उत्तर बंगाल विकास विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत थे। इसके अलावा उन्होंने आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी भी संभाली है। वह अतिरिक्त प्रभार के रूप में सिंचाई विभाग का कामकाज भी देख चुके हैं।
चुनाव आयोग के आदेश के बाद पुलिस विभाग में भी बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं। 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी अजय कुमार नंद को कोलकाता का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है। वहीं 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी सिद्ध नाथ गुप्ता को महानिदेशक और सूचना एवं सरकारी प्रमुख (प्रभारी) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा 1991 बैच के अधिकारी नटराजन रमेश बाबू को सुधार सेवा विभाग का महानिदेशक बनाया गया है, जबकि 1995 बैच के आईपीएस अधिकारी अजय मुकुंद राणाड़े को अतिरिक्त महानिदेशक और सूचना एवं सरकारी प्रमुख (कानून-व्यवस्था) के पद पर तैनात किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में राज्य के पुलिस महानिदेशक और कोलकाता पुलिस आयुक्त जैसे शीर्ष पदों पर भी बदलाव हो सकते हैं। चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाती है, जिसके तहत चुनाव आयोग को प्रशासनिक स्तर पर कई विशेष अधिकार मिल जाते हैं। आयोग जरूरत पड़ने पर वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों सहित विभिन्न प्रशासनिक पदों पर तैनात अधिकारियों के तबादले या हटाने के आदेश दे सकता है।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने रविवार को पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की है। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार राज्य में इस बार दो चरणों में मतदान कराया जाएगा। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। पहले चरण की अधिसूचना 30 मार्च को और दूसरे चरण की अधिसूचना 2 अप्रैल को जारी होगी।
चुनाव कार्यक्रम के तहत पहले चरण के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 6 अप्रैल तय की गई है, जबकि दूसरे चरण के लिए 9 अप्रैल तक नामांकन किया जा सकेगा। नामांकन पत्रों की जांच क्रमशः 7 अप्रैल और 10 अप्रैल को होगी। वहीं उम्मीदवार पहले चरण के लिए 9 अप्रैल और दूसरे चरण के लिए 13 अप्रैल तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं।
चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है। आदर्श आचार संहिता राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए तय किए गए दिशा-निर्देशों का एक समूह होता है, जिसे सभी दलों की सहमति से बनाया गया है। इसका उद्देश्य चुनाव के दौरान निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी वातावरण बनाए रखना होता है। यह संहिता चुनाव की घोषणा के दिन से लागू हो जाती है और चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक प्रभावी रहती है।
बड़ा फेरबदल: मुख्य सचिव व गृह सचिव हटे, कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तैनाती बदली


