क्राइम सीन रीक्रिएशन में बेटे ने दोहराई पूरी वारदात, सबूतों ने खोली साजिश की परतें
लखनऊ। राजधानी के आशियाना इलाके में हुए चर्चित ‘ब्लू ड्रम कांड’ में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। पैथोलॉजी संचालक और शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और क्राइम सीन रीक्रिएशन ने पूरी घटना की भयावह तस्वीर स्पष्ट कर दी है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी अक्षत प्रताप सिंह ने गोली मारने के बाद शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से बाथरूम में ले जाकर काटने का प्रयास किया। पेट और पीठ पर गहरे घाव पाए गए, जिनकी लंबाई करीब आठ-आठ इंच बताई गई है। जांच में यह भी सामने आया कि शरीर को पूरी तरह अलग करने की कोशिश की गई, लेकिन रीढ़ की हड्डी पूरी तरह नहीं काटी जा सकी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने शव को चार हिस्सों में बांटकर ड्रम में भरने की तैयारी की थी। घर में फैल रही दुर्गंध को छिपाने के लिए लगातार रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल किया गया। इतना ही नहीं, खून के धब्बे मिटाने के लिए दीवारों पर दोबारा पेंट कराया गया, जिससे शक की गुंजाइश कम हो सके।
जांच टीम ने आरोपी को मौके पर ले जाकर क्राइम सीन रीक्रिएट कराया। उसकी निशानदेही पर लाइसेंसी राइफल, आरी और चाकू बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी शव को ठिकाने लगाने ही वाला था, तभी अचानक घर पहुंचे मुनीम की वजह से उसकी योजना विफल हो गई और घटना का खुलासा हो गया।
अब पुलिस हत्या के पीछे के कारणों—पारिवारिक तनाव, आर्थिक विवाद या मानसिक स्थिति—की गहन जांच कर रही है। डिजिटल साक्ष्य, कॉल डिटेल और आर्थिक लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है।
लखनऊ का यह ‘ब्लू ड्रम कांड’ प्रदेश की हालिया सबसे सनसनीखेज घटनाओं में शामिल हो गया है। मामले की हर कड़ी को जोड़ने के लिए पुलिस की टीमें लगातार जुटी हुई हैं।

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