हरदोई
परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को मध्यान्ह भोजन के साथ अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गजक और चिक्की खिलाने के लिए फरवरी माह की धनराशि जारी कर दी गई है। जनवरी माह में धन न मिलने के कारण शिक्षकों को व्यवस्था संभालने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब फरवरी की राशि मिलने से स्थिति सामान्य होती नजर आ रही है।
शासन की योजना के तहत प्रत्येक गुरुवार को प्रति बच्चे पांच रुपये की दर से गजक और चिक्की दी जाती है। फरवरी माह में चार गुरुवार होने के कारण प्रदेशभर के लिए कुल 19 करोड़ 58 लाख रुपये जारी किए गए हैं। इससे इस माह सभी परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को तय कार्यक्रम के अनुसार अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराया जा सकेगा।
बताया गया है कि दिसंबर माह की धनराशि समय से जारी कर दी गई थी, लेकिन जनवरी में कोई भुगतान नहीं हुआ। शीतकालीन अवकाश के चलते विद्यालय करीब 15 दिन बंद रहे, इसके बावजूद दो गुरुवार बच्चों को गजक-चिक्की दी गई, जिसकी राशि अभी तक लंबित है। फरवरी की धनराशि मिलने से शिक्षकों को राहत मिली है, हालांकि मार्च की राशि को लेकर अभी असमंजस बना हुआ है।
जिलावार जारी धनराशि में हरदोई को 43.54 लाख, लखनऊ को 22.82 लाख, अंबेडकरनगर को 16.25 लाख, अमेठी को 20.54 लाख, अयोध्या को 22.88 लाख, बहराइच को 61.28 लाख, बलरामपुर को 30.57 लाख, गोंडा को 40.46 लाख, खीरी को 66.87 लाख, रायबरेली को 26.60 लाख, श्रावस्ती को 20.41 लाख, सीतापुर को 67.20 लाख और सुल्तानपुर को 31 लाख रुपये दिए गए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अजित सिंह ने कहा कि बच्चों के पोषण को प्राथमिकता दी जा रही है और योजना आगे भी सुचारू रूप से संचालित की जाएगी।


