दिव्यांग ने पुलिस पर पिटाई का लगाया आरोप

लखनऊ| पारा स्थित शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय परिसर में बने बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) शाखा से जुड़े एक बैंक मित्र पर एफडी कराने के नाम पर करीब 60 ग्राहकों के लगभग 10 करोड़ रुपये हड़पने का गंभीर आरोप सामने आया है। मामले के उजागर होने के बाद शुक्रवार को बड़ी संख्या में पीड़ित ग्राहक बैंक पहुंचे और पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।
सलेमपुर पतौरा निवासी दूध कारोबारी राम सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 में जमीन बेचने के बाद उनके खाते में 50 लाख रुपये आए थे, जिनमें से 18 लाख रुपये शेष थे। 10 जनवरी 2024 को आरोपी बैंक मित्र ने उनके खाते से 10 लाख रुपये नकद निकाल लिए और पूछने पर एफडी कराने की बात कही। इसके बाद जो एफडी के दस्तावेज दिए गए, वे फर्जी निकले। इतना ही नहीं, आरोपी ने खाते में बचे आठ लाख रुपये भी निकाल लिए। इसी तरह मोहान रोड निवासी गुड़िया ने भी आठ लाख रुपये की एफडी और 82 रुपये अलग से हड़पने का आरोप लगाया है।
बैंक में स्टेटमेंट निकलवाने पहुंचे अन्य ग्राहकों का आरोप है कि उन्हें एफडी के जो दस्तावेज दिए गए, वे फर्जी थे, लेकिन उन पर बैंक मैनेजर के असली हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं। इस संबंध में कुल 60 ग्राहकों ने पुलिस को तहरीर सौंपी है।
मामले में एक और गंभीर आरोप सामने आया है। विश्वविद्यालय में डी-फार्मा के दिव्यांग छात्र राकेश मलिक ने बताया कि तीन वर्ष पहले उनके खाते में 90 हजार रुपये छात्रवृत्ति के रूप में आए थे। इसके अलावा भी खाते में कुछ राशि थी, लेकिन बैंक पहुंचने पर पता चला कि कुल 1.20 लाख रुपये खाते से निकाल लिए गए हैं। राकेश का आरोप है कि जब वह शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे तो वहां मौजूद दो दरोगाओं ने उनके साथ मारपीट की। इस संबंध में दिव्यांग छात्र ने शनिवार को मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है।
वहीं, इंस्पेक्टर सुरेश सिंह ने पुलिस पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि कुल कितने ग्राहकों से ठगी हुई है, इसकी विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद ही एफआईआर दर्ज की जाएगी।

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