फर्रुखाबाद: अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश (Additional District Judge and Sessions Judge) प्रथम सुश्री शैली रॉय ने लगभग पंद्रह वर्ष पुराने गैर इरादतन हत्या (culpable homicide) के एक मामले में अहम फैसला सुनाते हुए पिता व उसके दो पुत्रों को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने थाना मेरापुर क्षेत्र के ग्राम पुनपालपुर निवासी अनूप कुमार उर्फ अमित कुमार, रोहिताश पुत्रगण पातीराम वर्मा तथा पातीराम पुत्र स्व. निरंजन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वर्ष 2011 में ग्राम पुनपालपुर निवासी श्रीकृष्ण पुत्र रामस्वरूप का मोबाइल फोन के लेन-देन को लेकर अनूप, रोहिताश, सुरजीत व पातीराम से विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने लाठी-डंडों से श्रीकृष्ण के साथ मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
घटना की सूचना पर थाना मेरापुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचक ने गवाहों के बयान व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले में एक आरोपी सुरजीत की पत्रावली पृथक कर किशोर न्यायालय में विचाराधीन रही। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की दलीलों को सुना गया, वहीं शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार पाल ने अभियोजन की ओर से प्रभावी पैरवी की।
साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने यह माना कि आरोपियों की मारपीट के कारण ही वादी की मृत्यु हुई। इसी आधार पर न्यायाधीश सुश्री शैली रॉय ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई। फैसले के बाद न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।


