परिवार फर्रुखाबाद में, प्रेस फर्रुखाबाद में — फिर भी रिपोर्ट में परिवार का निवास लखनऊ बताया गया
– पूर्व के अपर पुलिस अधीक्षक संजय सिंह ने पहले भी अपनी गलत रिपोर्ट से किया उच्च अधिकारियों को भ्रमित
– गठित एसआईटी जांच जिले से करने से इनकार करने के बावजूद भी जांच कर दिया अपराधी अवधेश मिश्रा को पूरा लाभ
फर्रुखाबाद/ लखनऊ: दैनिक यूथ इंडिया के संपादक Sharad Katiyar ने खुफिया पुलिस द्वारा भेजी गई गलत व भ्रामक रिपोर्ट (false and misleading reports) पर गंभीर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इस गलत रिपोर्ट ने न केवल फर्रुखाबाद जिला प्रशासन, बल्कि पुलिस महानिदेशक सहित उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) को भी भ्रमित कर दिया, जिससे सुरक्षा संबंधी निर्णयों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।
शरद कटियार द्वारा जारी बयान में स्पष्ट किया गया कि— उनका परिवार पूरी तरह फर्रुखाबाद में ही निवास करता है। उनकी 10 वर्षीय बेटी दिल्ली पब्लिक स्कूल, आवास विकास, फर्रुखाबाद में कक्षा 4 की छात्रा है।पत्नी और वृद्ध माता भी जनपद में ही रहते हैं। फर्रुखाबाद से प्रकाशित दैनिक यूथ इंडिया अख़बार का मूल संचालन फर्रुखाबाद में ही होता है।दैनिक यूथ इंडिया की प्रिंटिंग प्रेस भूपतपट्टी, फर्रुखाबाद में स्थापित है।मुख्य संपादकीय कार्यालय भी फर्रुखाबाद में ही संचालित है।
यूथ इंडिया का कॉरपोरेट ऑफिस लखनऊ में है।लखनऊ से प्रकाशित संस्करण का मुख्य कार्यालय 417 मोतीझील, ऐशबाग, लखनऊ में स्थापित है।वर्क ऑपरेशन ऑफिस DLF My Pad, विभूति खंड, गोमती नगर में स्थित है। शरद कटियार का कहना है कि खुफिया पुलिस द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में यह लिख दिया गया कि वह “परिवार सहित लखनऊ में निवास कर रहे हैं” और फर्रुखाबाद में केवल कभी-कभार आते हैं, जबकि यह तथ्य पूरी तरह गलत है।
इस त्रुटिपूर्ण रिपोर्ट के चलते सुरक्षा समिति ने पूर्णकालिक सुरक्षा प्रदान न करने का निर्णय लिया। मैं लखनऊ रहते हैं लेकिन उनका अधिकांशतः जनपद में आना-जाना रहता है आत्म सुरक्षा के लिए रिवाल्वर का रिनुअल जिला प्रशासन द्वारा जानबूझकर नहीं किया गया और स्थानीय अपराधियों की साठ गाठ से पूर्व में जनपद से संस्तुति जाने के बाद भी सुरक्षा शासन से हटवा दी गई जो की एक बड़ा षड्यंत्र है।
उन्होंने बताया कि— “जब पूरा परिवार फर्रुखाबाद में है, अखबार की प्रेस और एडिटोरियल यूनिट फर्रुखाबाद में है, ऐसे में पुलिस द्वारा गलत जानकारी देना यह साबित करता है कि रिपोर्ट बिना सत्यापन और बिना स्थल निरीक्षण के तैयार की गई।” जबकि पुलिस महानिदेशक कार्यालय से जनपद पुलिस से आख्या मांगी गई थी उसे भी भ्रमित कर दिया गया।
शरद कटियार ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस महानिदेशक और उत्तर प्रदेश शासन के गृह विभाग को विस्तृत शिकायत भेज दी है।उन्होंने मांग की है कि गलत रिपोर्ट बनाने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए।वास्तविक तथ्यों के आधार पर सही जांच कराई जाए।उनके जीवन पर लगातार बने खतरे को ध्यान में रखते हुए उचित सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। “गलत रिपोर्ट के कारण मेरे जीवन की सुरक्षा पर असर पड़ा” — शरद कटियार
उन्होंने कहा कि वह कई कुख्यात माफियाओं और गैंग के खिलाफ चल रहे मामलों में गवाह हैं। ऐसे में गलत तथ्य प्रस्तुत करना न केवल प्रशासन को गुमराह करता है, बल्कि उनकी सुरक्षा से भी खिलवाड़ है।


