फर्रुखाबाद। भारी तादाद में बिक रहे फास्ट नयी पीढ़ी के पेट में सूजन पैदा कर रहे हैं। ये फूड खास तौर से पेट के लिए नुकसानदेह साबित हो रहे हैं।
प्रतिदिन चिकित्सकों के क्लीनिकों पर बढ़ते पेट के मरीजों की संख्या को देख कर इसका अनुमान लगाया जा सकता है। इन मरीजों में युवाओं की संख्या अधिक देखी जा रही है।
मौजूदा समय में लोगों की पहली पसंद फास्ट फूड बन गई है। बच्चे हो या बड़े सभी इसे चाव से खाते हैं। अक्सर सड़क किनारे ठेले वालों के यहां आपने खूब भीड़ देखी होगी। इन दुकानों पर उपयोग होने वाले मैदा और बार-बार उपयोग होने वाले तेल के करण लोगों की आंत पर असर पड़ रहा है। पेट के मरीजों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। इन मरीजों के आंतों में सूजन की समस्या देखने को मिल रही है। इसका प्रभाव शरीर के अन्य क्रियाओं पर भी हो रहा है। बच्चों में मोटापा बढ़ रहा है, तनाव उच्च रक्तचाप बीमारियों को बढ़ावा दे रहा है। साथ ही लोग बीपी के भी मरीज हो रहे हैं।जिन्हें पेट में दर्द, नित्य क्रिया में परेशानी, भूख नहीं लगना आदि की की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस संदर्भ में डॉक्टर बीडी शर्मा ने कहा कि चिकनी चीज और फास्ट फूड हाथों के लिए काफी नुकसान देह साबित होते हैं। उन्होंने बताया कि युवाओं में पेट दर्द और अन्य समस्याओं अपाचित्याग के मरीजों की संख्या काफी बढ़ रही है।
उन्होंने इस प्रकार की खाद्य सामग्री पेट में पूरी तरह से पचते नहीं हैं। आंतों में मैदा की लेयर जमने लगता है। जिससे कुछ दिन बाद आंत में सूजन शुरू हो जाती है। इसमें पेट में ऐंठन और दर्द की शिकायत शुरू हो जाती है। इन्फ्लेमेटरी बॉउल डिसीज (आईबीडी) पाचन से संबंधित ऐसी एक बीमारी है। जिसके कारण पाचन तंत्र में सूजन हो सकती है। उन्होंने अधिकांश फल और सन्या सेवन करने और फास्ट फूड का प्रयोग सीमित करने की सलाह दी है।





