भारतीय नागरिकता दिलाने की साजिश पर शक, गृह मंत्रालय की कड़ी निगरानी
रायबरेली। जनपद में सामने आए 52 हजार फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों के गंभीर मामले में अब केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस पूरे प्रकरण को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी , रायबरेली से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
सूत्रों के अनुसार, यह मामला केवल दस्तावेज़ी अनियमितता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे फर्जी तरीके से भारतीय नागरिकता दिलाने की साजिश की आशंका जताई जा रही है। इसी वजह से गृह मंत्रालय इस प्रकरण पर पैनी नजर बनाए हुए है।
जांच में सामने आया है कि रायबरेली के सलोन तहसील क्षेत्र के 12 गांवों में बड़ी संख्या में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र तैयार किए गए। आरोप है कि इन प्रमाणपत्रों का उपयोग घुसपैठ से जुड़े लोगों को वैध नागरिक के रूप में स्थापित करने के लिए किया गया।
बताया जा रहा है कि इन गांवों में वर्ष 2024 में घुसपैठ की कोशिशों को लेकर भी शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गय।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वर्ष 2024 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के हस्तक्षेप के बाद जांच शुरू की गई थी। प्रारंभिक जांच में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और संगठित नेटवर्क की आशंका सामने आई, जिसके बाद अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीधे रिपोर्ट तलब की है।
रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे कठोर कार्रवाई की जा सकती है और जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों पर भी गाज गिरना तय मानी जा रही है।
फिलहाल, पूरे मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है और आने वाले दिनों में इस प्रकरण में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।






