– 22 नामजद व 300 अज्ञात पर एफआईआर , सोशल मीडिया अफवाहों पर सख्ती; सीसीटीवी के आधार पर अराजकतत्व चिन्हित
मथुरा।
जनपद मथुरा में चर्चित ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत को लेकर फैले बवाल के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि बाबा की मौत हत्या नहीं, बल्कि सड़क हादसे में हुई थी, जबकि कुछ अराजकतत्वों ने इसे हत्या बताकर माहौल बिगाड़ने की साजिश रची।
इस मामले में छाता थाना प्रभारी कमलेश की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसमें 22 नामजद और करीब 300 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने हाईवे पर उपद्रव और पथराव करने वाले 13 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सेक्टर स्कीम लागू कर पुलिस और मजिस्ट्रेट लगातार गश्त कर रहे हैं, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। वहीं, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
गौरतलब है कि बाबा के एक साथी द्वारा पहले ही इस मामले में सड़क हादसे की एफआईआर दर्ज कराई गई थी। बावजूद इसके, कुछ लोगों ने बिना तथ्य के हत्या की अफवाह फैलाकर हाईवे पर बवाल किया और कानून-व्यवस्था को चुनौती दी।
इस घटना में शामिल ट्रक चालक की भी अस्पताल में मौत हो गई है, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।
फिलहाल, पुलिस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रही है और प्रशासन ने साफ किया है कि अफवाह फैलाने व उपद्रव करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
‘फरसा वाले बाबा’ मौत कांड: हादसे को हत्या बताकर फैलाया गया बवाल, 13 गिरफ्तार


