– ‘सुवेदार’ 5 मार्च को अमेज़न प्राइम वीडियो पर होगी रिलीज
यूथ इंडिया न्यूज़ ग्रुप के चीफ एडिटर शरद कटियार से खास बातचीत
फर्रुखाबाद / लखनऊ। फर्रुखाबाद के मोहल्ला अण्डीयाना से निकलकर फिल्मी दुनिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म तक अपनी पहचान बनाने वाले 27 वर्षीय युवा कलाकार करन मिश्रा इन दिनों चर्चा में हैं। उनकी नई फिल्म “सुवेदार” 5 मार्च को अमेज़न प्राइम वीडियो पर रिलीज होने जा रही है। इस फिल्म के निर्देशक हैं सुरेश त्रिवेणी , जबकि कास्टिंग डायरेक्टर अनमोल आहूजा हैं।
इससे पहले करन दिग्गज अभिनेता अनिल कपूर के साथ फिल्म “सूबेदार” में काम कर चुके हैं। फिल्म “उम्र कैद” समेत कई प्रोजेक्ट्स में अभिनय करने से पहले करन ने कास्टिंग कंपनी में काम किया, दिल्ली की रामलीला में मंचन किया और थिएटर के मंच पर अपनी कला को तराशा। पेश है यूथ इंडिया के साथ उनकी विशेष बातचीत—
सवाल: ‘सुवेदार’ आपके लिए कितना खास है?
करन मिश्रा:यह फिल्म मेरे लिए सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि वर्षों के संघर्ष का परिणाम है। 2014 में फर्रुखाबाद से निकलकर मुंबई और दिल्ली के सफर में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन आज अमेज़न प्राइम जैसे बड़े प्लेटफॉर्म पर रिलीज होना गर्व का क्षण है। मेरा किरदार भावनात्मक और चुनौतीपूर्ण है।
सवाल: निर्देशक सुरेश त्रिवेणी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?
करन मिश्रा:सुरेश त्रिवेणी सर बेहद संवेदनशील और डिटेल पर ध्यान देने वाले निर्देशक हैं। वह कलाकार से उसके किरदार की गहराई निकालना जानते हैं। उनके साथ काम करना सीखने जैसा अनुभव रहा।
सवाल: अनिल कपूर के साथ स्क्रीन साझा करना कैसा रहा?
करन मिश्रा:अनिल कपूर सर के साथ काम करना मेरे करियर का अहम मोड़ रहा। उनका अनुशासन, ऊर्जा और विनम्रता प्रेरणादायक है। उन्होंने सिखाया कि स्टारडम से ज्यादा जरूरी मेहनत और निरंतरता है।
सवाल: पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में बताइए।
करन मिश्रा:मेरे पिता स्वर्गीय अजय मिश्रा जी बिजली विभाग में संविदा पर कार्यरत थे। उन्होंने ईमानदारी और संघर्ष का मूल्य सिखाया। मेरी मां कुसुम मिश्रा ने हर परिस्थिति में मेरा साथ दिया। मेरी एक बड़ी बहन हैं, जिनका विवाह हो चुका है। मैं परिवार का इकलौता बेटा हूं।
सवाल: अभिनय की शुरुआत कैसे हुई?
करन मिश्रा:दिल्ली में रामलीला मंचन से शुरुआत हुई। कई सालों तक मंच पर काम किया। थिएटर ने मुझे अभिनय की बारीकियां सिखाईं—संवाद, अभिव्यक्ति, अनुशासन। वहीं से आत्मविश्वास मिला।
सवाल: कास्टिंग कंपनी में काम करने का अनुभव?
करन मिश्रा:कास्टिंग कंपनी में काम करते हुए समझ आया कि इंडस्ट्री कितनी प्रतिस्पर्धी है। वहां से धैर्य और निरंतर प्रयास की सीख मिली। यह अनुभव मेरे लिए नींव साबित हुआ।
सवाल: फर्रुखाबाद के युवाओं के लिए संदेश?
करन मिश्रा:छोटे शहर से होना कमजोरी नहीं, बल्कि आपकी पहचान है। सपने बड़े रखिए और मेहनत जारी रखिए। असफलता से घबराइए मत।
करन मिश्रा की कहानी इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा और मेहनत मिलकर सीमाओं को तोड़ देती हैं। अण्डीयाना, फर्रुखाबाद का यह बेटा अब ओटीटी की दुनिया में नई पहचान बनाने को तैयार है।

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