फर्रुखाबाद| कमालगंज क्षेत्र में कीड़े की दवा खाने के बाद बच्चों के बीमार पड़ने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह ने पूरे प्रकरण को गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित विद्यालय की मान्यता, दवा वितरण प्रक्रिया और नियमों के अनुपालन की सख्त जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन से मान्यता संबंधी समस्त अभिलेख तत्काल प्रस्तुत करने को कहा है। साथ ही यह भी निर्देश दिए हैं कि विद्यालय को दी गई मान्यता की शर्तों का अक्षरशः पालन हुआ या नहीं, इसकी बिंदुवार जांच की जाए।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि दवा ब्लॉक संसाधन केंद्र से उपलब्ध कराई गई थी। इस पर भी सवाल उठ रहे हैं कि दवा वितरण के समय आवश्यक सावधानियों का पालन किया गया या नहीं। बीएसए ने संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने के संकेत दिए हैं।
विद्यालय के प्रधानाचार्य फूलसिंह ने सफाई देते हुए बताया कि विद्यालय को वर्ष 2002 से कक्षा पांच तक तथा वर्ष 2006-07 से जूनियर हाईस्कूल की मान्यता प्राप्त है। उनके अनुसार सुबह ही ब्लॉक संसाधन केंद्र से दवा प्राप्त हुई थी, जिसे नियमानुसार बच्चों को दिया गया। हालांकि घटना के बाद अभिभावकों में आक्रोश व्याप्त है और वे जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह ने दो टूक कहा है कि यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही, नियमों की अनदेखी या मानकों का उल्लंघन पाया गया तो कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। शिक्षा विभाग ने मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब कर ली है और जांच पूरी होने तक संबंधित बिंदुओं की गहन समीक्षा जारी है।

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