शमशाबाद, फर्रुखाबाद। क्षेत्र में आवारा गोवंशों द्वारा फसलों को लगातार बर्बाद किए जाने से परेशान किसानों का आखिरकार गुस्सा फूट पड़ा। हजारों-लाखों रुपये की लागत से तैयार की गई फसलों को उजड़ता देख ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभाल लिया और लाठी-डंडों के सहारे दर्जनों गोवंशों को पकड़कर बंधक बना लिया। बाद में इन्हें क्षेत्रीय गौशाला भेजने की कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार शमशाबाद थाना क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से आवारा गोवंश किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। किसान लगातार प्रशासन से इन गोवंशों को पकड़वाकर गौशालाओं में भिजवाने की मांग करते रहे, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते समस्या जस की तस बनी रही। हालात यह हो गए कि सैकड़ों किसान आर्थिक बर्बादी की कगार पर पहुंच गए हैं।
ताजा मामला ग्राम बेला सराय गजा का है, जहां लंबे समय से दर्जनों की संख्या में आवारा गोवंश खेतों में घुसकर फसलें चट कर रहे थे। कई बार शिकायत के बावजूद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। बुधवार को किसानों ने एकजुट होकर लाठी-डंडों के सहारे करीब दो दर्जन से अधिक गोवंशों को पकड़कर निर्माणाधीन पानी की टंकी परिसर में बंधक बना लिया। गुरुवार को भी यह अभियान जारी रहा और अन्य गोवंशों को भी पकड़ा गया।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि संत कुमार ने बताया कि इस संबंध में खंड विकास अधिकारी, शमशाबाद को सूचना दे दी गई है। उनके निर्देश पर पकड़े गए गोवंशों को क्षेत्रीय गौशाला रामपुर में भिजवाया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि आवारा गोवंशों की समस्या वर्षों से बनी हुई है। इन्हें भगाने पर ये कुछ दिनों बाद फिर लौट आते हैं, जिससे किसानों को बार-बार नुकसान उठाना पड़ता है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। उनका सुझाव है कि आवारा गोवंशों को केवल गौशालाओं तक सीमित न रखकर जंगलों में छोड़ा जाए, जहां उन्हें पर्याप्त भोजन मिल सके और किसानों की फसलें भी सुरक्षित रह सकें।
आवारा गोवंश से परेशान किसानों का फूटा गुस्सा, दो दर्जन से अधिक गोवंश पकड़कर गौशाला भेजे


